महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे में हुए पोर्श कार हादसे में क्राइम ब्रांच धड़ाधड़ कार्रवाई कर रही है. अब इस मामले से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. जानकारी के अनुसार, पुणे पुलिस ने ड्राइवर गंगाराम का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है. जिसे आरोपी नाबालिग के दादा सुरेंद्र अग्रवाल ने ड्राइवर का अपहरण करते वक्त छीन लिया था. अब उम्मीद है कि ड्राइवर के अपहरण और इल्जाम अपने सिर लेने के दबाव का खुलासा हो सकता है.
पुलिस ने बताया कि बुधवार को ड्राइवर गंगाराम का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है. जिसे आरोपी नाबालिग के दादा सुरेंद्र अग्रवाल ने गंगाराम का अपहरण के करते वक्त छीन लिया था. इस फोन में विशाल अग्रवाल और गंगाराम के बीच दुर्घटना के बाद ले लेकर अपहरण के वक्त तक विशाल द्वारा भेजे गए कुछ मैसेज हैं. पुणे क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि ये इस मामले से जुड़ा अहम सबूत है.
जमानत अर्जी पर 1 जून तक टली सुनवाई
वहीं, किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं में विशाल अग्रवाल की जमानत अर्जी पर सुनवाई को कोर्ट ने 1 जून तक के लिए स्थगित कर दिया है. पहले विशाल को जेजे एक्ट की धारा 75 और 77 के मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में रिमांड खत्म होने पर अदालत ने उसे मजिस्ट्रेट हिरासत में भेज दिया था.
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ड्राइवर के अपहरण का भी है आरोप
बता दें कि बीते दिनों पुलिस ने इस मामले में ड्राइवर के बयान के बाद नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल और दादा सुरेंद्र अग्रवाल के खिलाफ अपने ड्राइवर गंगाराम को किडनैप करके अपने बंगले में बंधक बनाने के आरोप में केस दर्ज किया था. दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 365 (अपहरण) और 368 (गलत तरीके से छिपाना) के तहत मामला दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस ने नाबालिग आरोपी के दादा सुरेंद्र अग्रवाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.
ड्राइवर को दिया लालच!
बताया जा रहा है कि आरोपी के दादा सुरेंद्र अग्रवाल ने सबसे पहले अपने ड्राइवर गंगाराम को घर बुलाया. बहुत सारे पैसे देने का लालच देकर उसे इस बात के लिए तैयार कर लिया कि वो थाने में जाकर ये बयान देगा कि भयानक हादसे के वक्त पोर्श कार को वो ड्राइव कर रहा था. इसके बाद अपने साथ गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए. बयान दर्ज करवाया. उसके बाद अपने साथ वापस भी लाए. लेकिन साजिश के तहत उसे घर जाने देने की बजाए बंगले में कैद कर लिया. इतना ही नहीं सुरेंद्र अग्रवाल ने गंगाराम का मोबाइल फोन भी छीन लिया, ताकि वो किसी संपर्क न कर सके.
ड्राइवर से इल्जाम अपने सिर लेने को कहा
पुलिस की मानें तो जब आरोपी बार से शराब पीकर निकले, तब ड्राइवर गंगाराम ने अपने मालिक यानी नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को फोन कर बताया कि नशे की हालत में गाड़ी उसका बेटा चलाना चाह रहा है जो ठीक नहीं है, लेकिन ये जानने के बाद भी विशाल अग्रवाल ने ड्राइवर से गाड़ी की चाबी अपने बेटे को ही दे देने को कहा. इसके बाद जब एक्सीडेंट हो गया तो जैसे बात अग्रवाल परिवार को पता चली, विशाल और उसकी पत्नी ने तुरंत ड्राइवर गंगाराम को फोन कर ये हुक्म दिया वो इल्जाम अपने सिर पर ले ले और बदले में उसे बक्शीश मिलेगी.
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हादसे में हुई दो लोगों की मौत
हादसे में मध्य प्रदेश के दो आईटी पेशेवर अनीश अवधिया और उनकी दोस्त अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई थी. दोनों मृतक बाइक से जा रहे थे, इसी दौरान रोड पर पोर्श कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी. अश्विनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनीश को शहर के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ देर बाद उनकी भी मौत हो गई.
दिव्येश सिंह