झारखंड के पलामू जिले में मॉब लिंचिंग की सनसनीखेज वारदात की जांच तेज हो गई है. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपी अब भी फरार हैं. पड़वा थाना क्षेत्र के तेलियाही गांव में शनिवार रात 22 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पारस महतो उर्फ पारसनाथ मेहता (36) और बीरेंद्र महतो (60) के रूप में हुई है. दोनों को रविवार को गिरफ्तार किया गया और सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मृतक की पहचान पवन राम (22) के रूप में हुई है, जो पड़वा थाना क्षेत्र के ही मुरमा गांव का रहने वाला था.
मेदिनीनगर के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर राजेश कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि वारदात में कम से कम आठ लोगों की संलिप्तता सामने आई है. पीड़ित के पिता मनोज राम ने अपनी लिखित शिकायत में चार आरोपियों के नाम दिए हैं. गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी नामजद हैं.
दो अन्य नामजद आरोपियों समेत कुल छह लोग अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. जांच के दौरान मुख्य आरोपी पारसनाथ ने स्वीकार किया कि 21 फरवरी को पवन एक लड़की से मिलने उसके घर आया था. पारसनाथ ने उसे देखा, तो आग-बबूला गए. अपने परिजनों के साथ पवन को पकड़ लिया.
उन्होंने उसके हाथ-पैर लकड़ी की खाट से बांध दिए. इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई. इस घटना को छिपाने और गुमराह करने के लिए गांव में यह अफवाह फैलाई गई कि पवन घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर से बैटरी चोरी करने की कोशिश कर रहा था. इस अफवाह के बाद कुछ पड़ोसी भी मारपीट में शामिल हो गए.
पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह मॉब लिंचिंग का मामला है. मृतक के पिता के बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने मौके से दो डंडे और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इससे पहले 16 फरवरी को भी बच्चा चोरी के शक में एक शख्स की हत्या कर दी गई थी.
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