लखनऊ में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी का भंडाफोड़, गैंग का एक सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ में STF ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं बारवर गैंग के दो बदमाश भी दबोचे गए, जिन पर कई जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. पढ़ें पूरी कहानी.

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STF टीम आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है (फोटो- ITG) STF टीम आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है (फोटो- ITG)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में STF ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जहां अवैध तरीके से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया. इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में इंजेक्शन बरामद किए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, यह गैंग लंबे समय से शहर और आसपास के जिलों में सक्रिय था. STF को इस नेटवर्क के बारे में काफी समय से इनपुट मिल रहे थे. इसी के आधार पर टीम ने सटीक कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया. 

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STF के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रेहान के रूप में हुई है, जो लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र के तिरवा का रहने वाला है. उसे सोमवार शाम काकोरी इलाके के करीमाबाद अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने पहले से ही इलाके में निगरानी बढ़ा रखी थी. जैसे ही आरोपी संदिग्ध हालत में वहां पहुंचा, STF टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया. गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से कई अहम सबूत भी मिले. पूछताछ के दौरान उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

भारी मात्रा में इंजेक्शन बरामद
गिरफ्तारी के दौरान STF ने आरोपी के कब्जे से 502 वायल ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए हैं, जिनकी क्षमता 180-180 मिलीलीटर है. इसके अलावा आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई. अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में इंजेक्शन की बरामदगी इस बात का संकेत है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित है. इन इंजेक्शनों का इस्तेमाल अवैध रूप से किया जाता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य खतरे भी हो सकते हैं. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.

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पूछताछ में बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी रेहान ने कबूल किया कि वह एक गैंग का हिस्सा है, जो लखनऊ और आसपास के जिलों में ऑक्सीटोसिन की सप्लाई करता है. उसने बताया कि इस गैंग का एक और सदस्य इरफान, जो बालागंज के कैटल कॉलोनी इलाके का रहने वाला है, उसे इंजेक्शन उपलब्ध कराता था. इसके बाद रेहान इन्हें शहर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करता था. STF अब इरफान की तलाश में जुट गई है और उसके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. इस खुलासे के बाद पुलिस को गैंग के नेटवर्क का बड़ा सुराग मिला है.

STF ने बताया कि बरामद इंजेक्शन के सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया है, ताकि उनकी गुणवत्ता और इस्तेमाल की पुष्टि की जा सके. साथ ही, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साल 2001 में जारी अधिसूचना के अनुसार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री को सिंगल यूनिट ब्लिस्टर पैक तक सीमित किया गया है. ऐसे में इस तरह की तस्करी पूरी तरह अवैध है. इस मामले में काकोरी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है. स्थानीय पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है.

STF की दूसरी बड़ी कार्रवाई
इसी बीच STF ने एक अन्य ऑपरेशन में बारवर गैंग के दो सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है. यह दोनों आरोपी प्रतापगढ़ जिले के कुंडा थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में वांछित थे. STF को इनकी लंबे समय से तलाश थी और इनके खिलाफ कई गंभीर आरोप दर्ज थे. सूचना के आधार पर पुलिस ने लखनऊ में जाल बिछाया और दोनों को दबोच लिया. 

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिश्चंद्र और सोहनलाल के रूप में हुई है. हरिश्चंद्र गोंडा जिले के धानेपुर का रहने वाला है, जबकि सोहनलाल उसका सहयोगी है. STF ने दोनों को मंगलवार सुबह लखनऊ के बादशाह नगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया. पुलिस ने बताया कि दोनों काफी समय से फरार चल रहे थे और अपनी पहचान छुपाकर इधर-उधर रह रहे थे. गिरफ्तारी के दौरान दोनों ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन STF की सतर्कता से वे बच नहीं सके.

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे बारवर गैंग के सक्रिय सदस्य हैं और पिछले 15 सालों से लूट, चोरी और स्नैचिंग जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. पुलिस के अनुसार, यह गैंग कई जिलों में सक्रिय रहा है और इसके सदस्य लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं. STF अब इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है. साथ ही, इनके पुराने मामलों की भी जांच दोबारा शुरू की जा रही है.

STF के मुताबिक, हरिश्चंद्र के खिलाफ रायबरेली, बहराइच, अयोध्या, कुशीनगर, गोंडा, चित्रकूट, प्रतापगढ़, बस्ती और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में कुल 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं सोहनलाल के खिलाफ प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बलरामपुर, रायबरेली, गोंडा और बहराइच में 10 मामले दर्ज हैं. दोनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है. STF का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी से कई लंबित मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है.

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