जनकपुरी हादसा: मृतक बाइकर के परिजनों का हंगामा, मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग

दिल्ली के जनकपुरी में रविवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब 25 साल के युवक की मौत से गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए. दिल्ली जल बोर्ड की ओर से खोदे गए गड्ढे में गिरने से बाइकर कमल ध्यानी की मौत हो गई थी.

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दिल्ली के जनकपुरी में विरोध प्रदर्शन के दौरान साल लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया था. (File Photo: ITG) दिल्ली के जनकपुरी में विरोध प्रदर्शन के दौरान साल लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया था. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:12 PM IST

दिल्ली जल बोर्ड के गड्ढे में गिरकर 25 साल के बैंक कर्मचारी कमल ध्यानी की मौत मामले में जनकपुरी में परिवार और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. परिजनों ने सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा, सरकारी नौकरी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

जानकारी के मुताबिक, बैंक कर्मचारी कमल ध्यानी 5 और 6 फरवरी की रात करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गए थे. परिवार का आरोप है कि खुदाई वाली जगह के आसपास न तो पुख्ता सुरक्षा इंतजाम थे और न ही कोई बैरिकेडिंग की गई थी. मृतक के चाचा कमल ध्यानी ने प्रदर्शन के दौरान कहा, "परिवार को न्याय मिलना चाहिए."

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परिजनों ने सरकारी लापरवाही का सीधा आरोप लगाया. उनका कहना है कि कमल परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था. चाचा ने कहा, "सरकार की लापरवाही की वजह से उसकी मौत हुई. एक डिपेंडेंट को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए, जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए. परिवार को नियमों के मुताबिक सही मुआवजा चाहिए."

प्रदर्शन में शामिल रेनू घिल्डियाल ने कहा कि परिवार को अब तक किसी तरह का ठोस आश्वासन नहीं मिला है. उन्होंने कहा, "हम सिर्फ लड़के के लिए इंसाफ चाहते हैं. प्रशासन को अपनी गलती की जिम्मेदारी लेनी चाहिए." उत्तराखंड के एक माइग्रेंट संगठन के प्रतिनिधि गोपाल सिंह ने भी प्रशासन पर सवाल उठाए. 

उनका दावा है कि यदि समय पर पुलिस और मेडिकल मदद पहुंचती तो युवक की जान बच सकती थी. उन्होंने कहा, "यह बहुत बड़ी लापरवाही का मामला है." गोपाल सिंह ने मांग रखी कि कंस्ट्रक्शन एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, उचित मुआवजे का ऐलान किया जाए. परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. 

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उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, अनिश्चितकालीन विरोध जारी रहेगा. यदि सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि भरोसा दिलाने नहीं आता, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान 'हम चुप नहीं रहेंगे' और 'पहाड़ के बेटे को इंसाफ दो' लिखे प्लेकार्ड भी दिखाई दिए. विरोध प्रदर्शन के दौरान सात लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को बाद में छोड़ दिया गया था. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है. हालात नियंत्रण में हैं. दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है. यह मामला लगातार सुर्खियों में है.

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