जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक युवा रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध मौत ने हड़कंप मचा दिया है. यह घटना अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में सामने आई, जहां डॉक्टर की लाश मिली. शुरुआती जांच में इस मामले को खुदकुशी से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं. घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों के बीच आक्रोश बढ़ गया है. सभी लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है.
मृतक डॉक्टर की पहचान सुनील चौधरी के रूप में हुई है, जो एनेस्थीसिया विभाग में रेजिडेंसी के दूसरे वर्ष के छात्र थे. बताया जा रहा है कि वह घटना के समय ऑपरेशन थिएटर में नाइट ड्यूटी पर तैनात थे. रात करीब तीन बजे उन्हें अचेत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद तुरंत मेडिकल टीम को बुलाया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस अचानक हुई मौत से पूरे मेडिकल स्टाफ और छात्रों में शोक की लहर दौड़ गई है.
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों का कहना है कि कॉलेज परिसर में लंबे समय से ड्रग्स का अवैध कारोबार चल रहा है. उनका आरोप है कि प्रशासन इस पर आंख मूंदे हुए है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. छात्रों के मुताबिक, इस लापरवाही का असर अब इस तरह की गंभीर घटनाओं के रूप में सामने आ रहा है. इस मुद्दे को लेकर छात्रों ने विरोध भी जताया है.
इतना ही नहीं, छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि प्रशासन और स्थानीय अधिकारी सच्चाई को सामने आने से रोक रहे हैं. फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और मौत के असली कारणों का पता लगाने की कोशिश जारी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी. इस घटना ने मेडिकल संस्थानों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
संजय शर्मा