गुरुग्राम: 32 साल पहले मर चुके शख्स के नाम पर खुलवाया बैंक खाता, फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाकर बेच दी उसकी जमीन

गुरुग्राम पुलिस ने नवीन राणा नामक वकील को गिरफ्तार किया है, जिसने 1993 में मर चुके ओम प्रकाश बनकर उनकी जमीन धोखाधड़ी से बेच दी. आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खोला और करीब 60 लाख रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिए.

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वकील ने मृत व्यक्ति की पहचान चुराकर बैंक और कंपनी को लगाया चूना (Photo: Representational) वकील ने मृत व्यक्ति की पहचान चुराकर बैंक और कंपनी को लगाया चूना (Photo: Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST

साइबर सिटी गुरुग्राम में एक वकील की ऐसी करतूत सामने आई है जिसने कानून के रक्षकों को भी हैरान कर दिया है. पुलिस ने नवीन राणा नामक एक 40 वर्षीय वकील को गिरफ्तार किया है, जिसने 1993 में मर चुके एक व्यक्ति को कागजों में 'जिंदा' दिखाकर उसकी जमीन बेच दी और लाखों रुपये डकार लिए.

1993 में मर चुके व्यक्ति की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचकर कंपनी से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एक वकील को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान नवीन राणा (40) के रूप में हुई है, जो बजघेड़ा गांव का रहने वाला है और गुरुग्राम कोर्ट में वकालत करता था.

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ओम प्रकाश नाम के व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाया, जबकि असली ओम प्रकाश की मौत वर्ष 1993 में हो चुकी थी. एक्सिस बैंक की सदर बाजार शाखा के मैनेजर ने 10 सितंबर 2024 को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी.

फर्जी नाम से खाता

शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2015 में पालम विहार शाखा में ओम प्रकाश बनकर खाता खोला गया, जिसमें दो दिन बाद 46.50 लाख रुपये जमा किए गए. संदेह के चलते बैंक ने जनवरी 2016 में खाता फ्रीज कर दिया था. बाद में अक्टूबर 2016 में खाता सदर बाजार शाखा में ट्रांसफर किया गया.

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वर्ष 2018 में एंजेल बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत की कि उसने जमीन खरीदने के लिए ओम प्रकाश को 46.50 लाख रुपये दिए थे, लेकिन बाद में पता चला कि असली ओम प्रकाश की मौत 1993 में हो चुकी है.

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निजी खाते में ट्रांसफर किए पैसे

जांच में सामने आया कि मई 2023 में नवीन राणा ने एक बार फिर ओम प्रकाश बनकर फर्जी 'सेल डीड' पेश की, जिसके आधार पर फ्रीज खाता अनफ्रीज कराया गया. इसके बाद आरोपी ने 59,72,608 रुपये (ब्याज सहित) अपने निजी खाते में NEFT और IMPS के जरिए ट्रांसफर कर लिए.

मामले में शिवाजी नगर थाना में एफआईआर दर्ज कर केस आर्थिक अपराध शाखा (EOW-II) को सौंपा गया, जिसने बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. मामले की आगे जांच जारी है.

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