1993 दिल्ली बम धमाके के दोषी भुल्लर को बड़ा झटका, समय से पहले रिहाई नामंजूर

दिल्ली बम ब्लास्ट के दोषी देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर को समय से पहले रिहाई नहीं मिलेगी. दिल्ली के सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने एक बार फिर उसकी जल्दी रिलीज की अर्जी को खारिज कर दिया है. बोर्ड ने यह फैसला गंभीर आतंकी अपराधों और मौजूदा हालात को देखते हुए लिया है.

Advertisement
दिल्ली के सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने कहा कि देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर जेल से रिहा नहीं किया जाएगा. (File Photo: ITG) दिल्ली के सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने कहा कि देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर जेल से रिहा नहीं किया जाएगा. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

साल 1993 में हुए दिल्ली बम धमाके के दोषी देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर को लेकर दिल्ली के सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है. बोर्ड ने उसकी समय से पहले रिहाई की मांग को एक बार फिर खारिज कर दिया है. यह फैसला बोर्ड की हालिया बैठक में लिया गया. भुल्लर को बम धमाके में 9 लोगों की हत्या और 31 लोगों को घायल करने के मामले में दोषी ठहराया गया था. 

Advertisement

इस हमले में यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एम एस बिट्टा भी घायल हुए थे. अगस्त 2001 में एक विशेष TADA कोर्ट ने भुल्लर को मौत की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में साल 2014 में उम्रकैद में बदल दिया गया. स्वास्थ्य कारणों के चलते जून 2015 में भुल्लर को दिल्ली की तिहाड़ जेल से अमृतसर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था. इसके बावजूद उसकी समय से पहले रिहाई का मामला टलता रहा. 

साल 2022 में उसकी खराब सेहत और वेजिटेटिव स्टेट का हवाला दिए जाने के बावजूद बोर्ड ने रिहाई पर फैसला सुरक्षित रखा था. इसके बाद साल 2024 की बैठक में भी उसकी रिहाई को मंजूरी नहीं दी गई. बोर्ड के कुछ सदस्यों ने भुल्लर की रिहाई का विरोध करते हुए कहा कि एक आतंकी के तौर पर उसके कृत्यों में कई निर्दोष लोगों की जान गई है. इसके साथ ही आशंका भी जताई गई.

Advertisement

इसमें कहा गया कि मौजूदा समय में उसकी रिहाई से खालिस्तान समर्थक तत्वों को गलत संदेश जा सकता है. हालांकि, इसी बैठक में सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने खुद को NSCN (M) का लेफ्टिनेंट बताने वाले होपसन निग्नशेन की समय से पहले रिहाई की सिफारिश की है. उसको फरवरी 2009 में मणिपुर के उखरुल जिले में तीन सरकारी अधिकारियों के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. 

उसकी रिहाई केंद्र सरकार की सहमति के अधीन होगी. बोर्ड ने इस बैठक में कुल 51 दोषियों के समय से पहले रिहाई के मामलों पर विचार किया. एक दस्तावेज के मुताबिक भुल्लर समेत 24 दोषियों की रिहाई को खारिज कर दिया गया. इस बीच, पिछले हफ्ते दिल्ली सरकार के एक आदेश में बताया गया कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने उम्रकैद की सजा काट रहे 26 दोषियों की शेष सजा माफ कर दी है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement