महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने इंजीनियरिंग के छात्र अयान शेख को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत गिरफ्तार किया है. सोमवार को उसे दूसरी बार अदालत में पेश किया गया. ATS ने कोर्ट से अयान की आठ दिन की रिमांड की मांग की. एजेंसी का कहना है कि अयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर एक ऐसे ग्रुप का सदस्य था, जहां प्रतिबंधित संगठनों की विचारधारा का प्रचार किया जा रहा था. ATS के मुताबिक अयान इस विचारधारा को आगे बढ़ाने और लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था.
टेलीग्राम ग्रुप पर ATS की नजर
ATS ने अदालत को बताया कि जिस टेलीग्राम ग्रुप से अयान जुड़ा हुआ था, उसका नाम “Islamic Politics” है. इस ग्रुप पर कई दिनों से एजेंसी की नजर थी. जांच में सामने आया कि इस ग्रुप में कई ऐसे पोस्ट किए जा रहे थे, जिनमें प्रतिबंधित संगठनों की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा था. ATS का दावा है कि अयान इन पोस्ट को लाइक करता था और दूसरे लोगों को टैग कर उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करता था. एजेंसी का मानना है कि इस गतिविधि के जरिए वह ऑनलाइन प्रचार तंत्र का हिस्सा बन चुका था.
विदेशों से भी जुड़े थे कई सदस्य
ATS ने कोर्ट को यह भी बताया कि Islamic Politics नाम के इस टेलीग्राम ग्रुप में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई दूसरे देशों के लोग भी सदस्य थे. जांच एजेंसी के मुताबिक यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ हो सकता है. इसी वजह से ATS अयान से पूछताछ के जरिए बाकी सदस्यों के बारे में भी जानकारी हासिल करना चाहती है. एजेंसी को उम्मीद है कि अयान से पूछताछ करने पर इस ऑनलाइन नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों के बारे में कई अहम सुराग मिल सकते हैं.
मोबाइल और लैपटॉप जब्त
जांच के दौरान ATS ने अयान शेख के पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया है. एजेंसी का कहना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अयान किन लोगों के संपर्क में था और उसने किस तरह की ऑनलाइन गतिविधियां की थीं. ATS का मानना है कि इन डिवाइस से कई डिजिटल सबूत मिल सकते हैं, जो इस पूरे मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे.
आठ ईमेल आईडी का इस्तेमाल
ATS ने अदालत को बताया कि अयान शेख आठ अलग-अलग ईमेल आईडी भी इस्तेमाल कर रहा था. एजेंसी का कहना है कि इन सभी ईमेल अकाउंट्स की भी जांच जरूरी है. जांचकर्ताओं को शक है कि इन ईमेल आईडी का इस्तेमाल ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़ने और अलग-अलग लोगों से संपर्क बनाए रखने के लिए किया जा रहा था. ATS का मानना है कि इन ईमेल अकाउंट्स की जांच से पूरे नेटवर्क और उसके काम करने के तरीके को समझने में मदद मिल सकती है.
बचाव पक्ष ने आरोपों को बताया झूठा
अयान शेख के वकील इब्राहिम केएम ने अदालत में ATS के आरोपों का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं. वकील का तर्क था कि केवल किसी टेलीग्राम ग्रुप का सदस्य होने के आधार पर किसी व्यक्ति को UAPA के तहत गिरफ्तार करना कानूनन सही नहीं है. बचाव पक्ष का कहना है कि जांच एजेंसी बिना ठोस सबूत के अयान को इस मामले में फंसा रही है.
कोर्ट का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अयान शेख को 12 मार्च तक ATS की हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. इस दौरान ATS उससे पूछताछ कर मामले की आगे की जांच करेगी. एजेंसी का कहना है कि डिजिटल सबूतों की जांच और पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस पूरे नेटवर्क में अयान की भूमिका कितनी बड़ी थी. वहीं बचाव पक्ष उम्मीद जता रहा है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी.
विद्या