दुबई से अहमदाबाद पहुंचे एक यात्री की चालाकी अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर ही पकड़ ली. कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने पैसेंजर प्रोफाइलिंग के आधार पर संदिग्ध यात्री को रोका और उसकी तलाशी ली. जब उसके पर्स और अंडरवियर की जांच की गई तो अधिकारी हैरान रह गए. आरोपी यात्री ने दोनों जगह 24 कैरेट सोना छुपा रखा था. जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी गई है. आरोपी के खिलाफ कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत सोना जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. चलिए आपको बताते हैं पूरी कहानी.
8 फरवरी 2026, सुबह का वक्त
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन कस्टम्स की नजरें किसी खास शख्स को ढूंढ रही थीं. दुबई से स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-016 जैसे ही उतरी, एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) की टीम सतर्क हो गई. पैसेंजर प्रोफाइलिंग के आधार पर एक पुरुष यात्री पर पहले से ही शक था. जैसे ही वह आगमन क्षेत्र से बाहर निकलने लगा, अधिकारियों ने उसे रोक लिया. शुरुआती पूछताछ में वह सामान्य दिखने की कोशिश करता रहा, लेकिन उसकी घबराहट बहुत कुछ बयान कर रही थी. इसके बाद उसकी गहन तलाशी का फैसला किया गया.
ऐसे मिले सोने के बिस्किट
तलाशी के दौरान अधिकारियों को उसके पॉकेट पर्स में कुछ संदिग्ध सामान मिला. जांच करने पर दो सोने के बिस्किट और एक कटा हुआ सोने का टुकड़ा बरामद हुआ. इनका कुल वजन 324.140 ग्राम था और शुद्धता 999.0 यानी 24 कैरेट पाई गई. बाजार में इनकी कीमत ₹51,73,274 आंकी गई. यात्री ने इन्हें बेहद चालाकी से छुपाया था ताकि सामान्य जांच में पकड़ा न जाए. लेकिन कस्टम्स की पैनी नजर से वह बच नहीं सका. मामला यहीं खत्म नहीं हुआ.
अंडरवियर से निकला सोने का पेस्ट
जब अधिकारियों ने उसकी और गहराई से जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. यात्री ने अपने पहने हुए अंडरवियर में सोने का पेस्ट छुपा रखा था. विशेष प्रक्रिया के जरिए जब उस पेस्ट को निकाला गया तो उसमें से 277.800 ग्राम सोना बरामद हुआ. जिसकी शुद्धता भी 999.0 यानी 24 कैरेट थी. बाजार मूल्य ₹44,33,688 आंका गया. इस तरीके से तस्करी करने की यह कोशिश बेहद सुनियोजित थी, लेकिन आखिरकार नाकाम रही.
96 लाख से ज्यादा का सोना जब्त
दोनों बरामदगी को मिलाकर कुल 601.940 ग्राम सोना पकड़ा गया. इसकी कुल कीमत ₹96,06,962 बताई गई है. कस्टम्स विभाग ने पूरे सोने को कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत जब्त कर लिया है. आरोपी यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं हो सकती और इसके पीछे बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है. फिलहाल, मामले की जांच जारी है.
पैसेंजर प्रोफाइलिंग से खुली पोल
इस पूरी कार्रवाई में पैसेंजर प्रोफाइलिंग और खुफिया इनपुट की अहम भूमिका रही. एयर इंटेलिजेंस यूनिट लगातार दुबई जैसे रूट्स से आने वाले यात्रियों पर नजर रखती है. सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं. लेकिन कस्टम्स की सतर्कता ने एक बार फिर बड़ी खेप को देश में प्रवेश करने से रोक दिया. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसके इशारे पर काम कर रहा था. आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे संभव हैं.
ब्रिजेश दोशी