अलविदा 2016: गुडगांव में इस साल दर्ज हुए साइबर क्राइम के 2400 मामले

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुडगांव जिले में इस साल साइबर क्राइम के 2400 मामले दर्ज किए गए. जिसमें एक हजार से ज्यादा एटीएम ठगी के मामले शामिल हैं. साल में हर दिन तीन से ज्यादा एटीएम ठगी की शिकायतें पुलिस ने दर्ज की हैं. अब गुडगांव पुलिस के लिए कैशलेस योजना भी परेशानी का सबब बन रही है.

पुलिस के लिए ऑनलाइन फ्रॉड और कैशलेस योजना सिरदर्द बन रहे हैं
परवेज़ सागर/तनसीम हैदर
  • गुडगांव,
  • 29 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुडगांव जिले में इस साल साइबर क्राइम के 2400 मामले दर्ज किए गए. जिसमें एक हजार से ज्यादा एटीएम ठगी के मामले शामिल हैं. साल में हर दिन तीन से ज्यादा एटीएम ठगी की शिकायतें पुलिस ने दर्ज की हैं. अब गुडगांव पुलिस के लिए कैशलेस योजना भी परेशानी का सबब बन रही है.

देश के प्रधानमंत्री का सपना भारत को कैशलेस बनाने का है. लेकिन कैशलेस योजना गुडगांव पुलिस के पसीने छुडा सकती है. इस योजना के पूरी तरह से लागू होने से पहले ही गुडगांव पुलिस के पास इस साल साइबर क्राइम के 2400 मामले दर्ज किए गए हैं.

जिनमें से करीब 1337 शिकायतें केवल एटीएम बदलकर या फिर एटीएम पिन के लेकर फ्रॉड करने की हैं. पुलिस ने इन शिकायतों में से 1950 शिकायतों का निपटारा कर दिया है. जबकि 410 मामलों की जांच शुरू कर दी है. इसके अलावा अन्य पुराने मामले भी लंबित है.

गुडगांव पुलिस के मुताबिक अगर कैशलेस योजना पूरी तरह से लागू होगी तो साइबर क्राइम के मामलों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी की उम्मीद है. अगर ऐसा होता है, तो पुलिस की परेशानी और बढ़ जाएगी.

सोसाइटी को कैशलेस बनाने के लिए मेलें और अन्य जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ लोगों को धोखे से बचाने के उपायों की तरफ किसी का ध्यान नहीं है. इन सब के बीच पुलिस के लिए कैशलेस योजना सिरदर्द बन सकती है.

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