जानिए, 3 तलाक की शिकार 5 महिलाओं की दर्दनाक दास्तान

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने तीन तलाक पर 6 महीने की रोक लगाते हुए केंद्र सरकार को इस पर कानून बनाने के लिए कहा है. 11 मई से सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई 18 मई को खत्म हुई थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश को सुरक्षित रखा लिया था.

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तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

मुकेश कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने तीन तलाक पर 6 महीने की रोक लगाते हुए केंद्र सरकार को इस पर कानून बनाने के लिए कहा है. 11 मई से सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई 18 मई को खत्म हुई थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश को सुरक्षित रखा लिया था. इस मामले में 5 जजों की बेंच सुनवाई कर रही थी. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में साफ किया था कि वह तीन तलाक की प्रथा को वैध नहीं मानती और इसे जारी रखने के पक्ष में नहीं है. आइए जानते हैं, इस प्रथा की शिकार पांच महिलाओं की दर्दनाक दास्तान.

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शराब के पैसे नहीं दिए तो बोला तीन तलाक

बिहार में बेगूसराय जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र में एक महिला को उसके पति ने तीन बार 'तलाक' बोलकर छोड़ दिया. वीरपुर पश्चिमी पंचायत की रहने वाली रुबेदा खातून का 22 साल पूर्व मोहम्मद शकील से निकाह हुआ था. इस दौरान मोहम्मद शकील को शराब की लत लग गई. छह बच्चों की मां रुबेदा इधर-उधर काम कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करती है. लेकिन शकील अक्सर पत्नी से शराब के पैसे मांगता था. उसके साथ मारपीट करता था. एक दिन शकील ने अपनी पत्नी से पैसे की मांगे, जब उसने पैसे नहीं दिए तो वह तीन बार 'तलाक' बोलकर चला गया. इसके बाद रुबेदा ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई.

पोस्टकार्ड पर लिखकर भेजा तीन तलाक

हैदराबाद में एक शौहर ने पोस्टकार्ड से अपनी बीवी को तलाक दे दिया. पोस्टकार्ड देखकर मुस्लिम महिला हैरान रह गई. उस महिला के होश उड़ गए. पोस्टकार्ड पर उसके पति ने तीन बार तलाक लिखकर उसे भेजा था. उसने लिखा कि वो उसे तलाक दे रहा है. अब उनका कोई संबंध नहीं है. महिला यह देखकर परेशान हो गई. लेकिन उसने समझदारी से काम लिया और सीधे संबंधित पुलिस स्टेशन जा पहुंची. उसने अपने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया.

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पति ने दिया तलाक, जेठ ने किया गैंगरेप

यूपी के मुजफ्फरनगर की रहने वाली पीड़ित महिला की शादी 6 बरस पहले हुई थी. शादी के बाद से ही लगातार ससुराल वाले दहेज को लेकर इस पर जुल्म करते आ रहे हैं. उससे एक कार और 2 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं. पैसे न मिलने पर ससुराल वाले जुल्म की सारी हदें पार करने लगे. उसके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया गया. इसी दौरान उसके पति ने मौखिक तौर पर 3 बार तलाक कहकर महिला को तलाक दे दिया. उसे घर से निकालने की कोशिश की, जब वह नहीं निकली तो उसके जेठ और देवर ने उसके साथ गैंगरेप किया. महिला को आग के हवाले कर दिया. इसी बीच सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जाकर महिला की जान को बचाया.

तलाक देकर गर्भवती को घर से निकाला

यूपी के सहारनपुर के ननौता नगर में एक शख्स ने एक बाद एक दो बेटी पैदा हो जाने के बाद अपनी गर्भवती पत्नी शगुफ्ता को तीन बार तलाक-तलाक कह कर घर से निकाल दिया. महिला पति से गुहार लगाती रही. रोती रही चिल्लाती रही लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा. उसने अपनी गर्भवती पत्नी को हाथ पकड़कर घर से बाहर निकाल दिया. परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस थाने का रुख किया. उसने अपने पति के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया. पीड़िता ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर तीन तलाक खत्म करने की अपील भी कर डाली.

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इंसाफ नहीं मिला तो लगा ली फांसी

यूपी के बाराबंकी में एक विवाहिता के लिए तीन तलाक जानलेवा साबित हुई. महिला को उसके पति ने शादी के एक साल बाद ही तलाक दे दिया था. महिला 10 साल तक इंसाफ पाने के लिए केस लड़ती रही और जब उसे न्याय नहीं मिला तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी. गांव मंझपुरवा निवासी रफीक की बेटी आलिया का निकाह साल 2007 में उनके गांव में ही रहने वाले इमरान के साथ हुआ था. शादी के करीब एक साल बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई. इमरान ने आलिया को तीन बार तलाक तलाक कहकर घर से निकाल दिया था.

ये मामले तो बानगीभर हैं. देश में रोजाना इस तरह की कई घटनाएं हो रही हैं. के नाम पर महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है. लेकिन सभी मामले सामने नहीं आ पाते. फिलहाल, ये मुद्दा देश में छाया हुआ है. आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस प्रथा के साथ मुस्लिम महिलाओं के भविष्य को तय करेगा.

 

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