आर्म्स एक्ट के मामले में 18 साल बाद 'सुल्तान' को मिली राहत

सात महीने बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने भी सलमान को शिकार के दो मामलों में बरी कर दिया है. इत्तेफाक ये है कि इन दोनों ही मामलों में निचली अदालत ने सलमान को पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी.

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आर्म्स एक्ट मामले में भी सलमान खान को सेशंस कोर्ट ने बरी कर दिया आर्म्स एक्ट मामले में भी सलमान खान को सेशंस कोर्ट ने बरी कर दिया

अंजलि कर्मकार / शम्स ताहिर खान

  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2016,
  • अपडेटेड 12:00 PM IST

बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान को पर्दे के बाहर सात महीने में दूसरा सबसे बड़ा तोहफा मिला है. 13 साल तक हिट एंड रन केस में दौड़ने के बाद सात महीने पहले ही बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें तमाम आरोपों से बरी कर दिया था. अब सात महीने बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने भी सलमान को शिकार के दो मामलों में बरी कर दिया है. इत्तेफाक ये है कि इन दोनों ही मामलों में निचली अदालत ने सलमान को पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी.

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सलमान को मिला 'सबूतों के अभाव में शक' का लाभ
सात महीने पहले बॉलीवुड के सुल्तान को बॉम्बे हाई कोर्ट से सबसे बड़ी राहत मिली थी. हिट एंड रन केस में तमाम आरोपों से बरी होने के कोर्ट के फैसले ने सलमान के 13 लंबे सालों की दौड़ खत्म कर दी थी. अब सात महीने बाद आए सलमान की जिंदगी के दूसरे सबसे बड़े अदालती फैसले ने सलमान और उनके चाहने वालों को ये बोलने का मौका दे दिया है कि सुल्तान शिकारी तो हैं पर सिर्फ सिर्फ ब़ॉक्स ऑफिस के.

फैसला सुनने के लिए कोर्ट में नहीं मौजूद थे सलमान
हालांकि, इस अहम फैसले को सुनने के लिए सलमान खुद अदालत में नहीं थे. वो मुंबई में अपने घर पर थे, पर सूत्रों के मुताबिक वो पूरी तरह से तैयार थे कि अगर फैसला उनके हक में नहीं आया, तो वकीलों की एक टीम उसी वक्त सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी देगी. यहां तक कि जरूरत पड़ी, तो वो खुद कोर्ट में जाकर सरेंडर करेंगे. फिर वहां से उन्हें जोधपुर जेल जाना पड़ता और जेल में सलमान के लिए बाकायदा तैयारी भी कर ली गई थी, लेकिन इन सबकी नौबत ही नहीं आई, बल्कि सलमान के लिए जोधपुर से सोमवार की सुबह सिर्फ और सिर्फ राहत की खबर आई.

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अब बचें हैं 2 मुकदमों के धब्बे
कांतिलाल ठाकुर, एडिशनल एडवोकेट जनरल का कहना है कि सलमान के दामन पर अब सिर्फ दो और मुकदमों के धब्बे बचे हैं. एक जोधपुर के ही कंकाणी में एक और चिंकारा के शिकार का और दूसरा इसी शिकार के सिलसिले में आर्मस एक्ट का. ये दोनों मुकदमे फिलहाल सेशंस कोर्ट में ही लंबित पड़े हैं. ये फैसला होना अभी बाकी है कि सलमान दोषी हैं या नहीं. इन दो मामलों के अलावा अब सलमान खान हर केस से आजाद हैं.

ये हैं रिहाई की वजहें
दरअसल, हाई कोर्ट से सलमान खान की रिहाई की कई वजहें रहीं. उनमें एक वजह ये भी थी. शिकार के इस पूरे मामले में 12 आरोपी थे, लेकिन सेशंस कोर्ट ने सलमान को छोड़ कर बाकी 11 आरोपियों को रिहा कर दिया था. वहीं से ये सवाल उठा कि क्या सलमान ने फिर अकेले ही शिकार किया था? सलमान ने खुद जिप्सी चलाई, खुद शिकार के लिए लाइट जलाई और खुद ही गोली भी चलाई? क्या ये मुमकिन था? जिप्सी से मिले गोली के छर्रे और सलमान के कमरे से मिली गोलियां अलग थीं. जिस चाकू से वह बहुत छोटा था उससे गला नहीं रेता जा सकता.

क्या है पूरा मामला?
कहानी 18 साल पुरानी है. तब सलमान खान राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के सिलसिले में जोधपुर में थे. उनके साथ फिल्म के बाकी कलाकार सैफ़ अली खान, करिश्मा कपूर, तब्बू और सोनाली बेंद्रे भी थीं. आरोप है कि उसी दौरान 26 सितंबर 1998 की रात सलमान खान जोधपुर के करीब भवाद इलाके में जिप्सी पर शिकार के लिए निकलें और उन्होंने एक काले हिरण का शिकार किया. एक दिन बाद ही 28 सितंबर 1998 को जोधपुर के ही करीब घोड़ा फार्म हाउस इलाके में सलमान पर एक और काले हिरण के शिकार का इलजाम लगा. इसके बाद जोधपुर के ही कंकाणी इलाके में सलमान को तीसरी बार शिकार खेलने का दोषी ठहराया गया. इस बार भी इलजाम एक कले हिरण को मारने का था. यानी सलमान पर कुल तीन शिकार के दौरान तीन काले हिरण मारने के इलजाम लगे. तीसरे मामले में शिकार के अलावा उनपर आर्म्स एक्ट का भी मामला लगाया गया, कयोंकि के पास से जो बंदूक बरामद हुई थी उसका लाइसेंस पहले ही खत्म हो चुका था.

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1998 में हिरासत में लिए गए सलमान
सलमान को 2 चिंकारा शिकार मामले और घोड़ा फार्म हाउस शिकार मामले में वन विभाग ने सबसे पहले 12 अक्टूबर 1998 को हिरासत में लिया था. इसके बाद सलमान 17 अक्टूबर 1998 तक पुलिस औऱ न्यायिक हिरासत में रहे. सलमान 10 अप्रैल से 15 अप्रैल 2006 तक जेल में भी रहे. वह काले हिरण के शिकार के मामलों में 18 दिन जोधपुर जेल में रह चुके हैं. सेशन कोर्ट ने जब उनकी सजा की पुष्टि की थी, तब उन्हें 26 अगस्त से 31 अगस्त 2007 तक जोधपुर जेल में रहना पड़ा था.

सेशन कोर्ट ने सलमान को सुनाई थी एक साल की सजा
26 अगस्त 2007 को सेशन कोर्ट ने भवाद इलाके में के शिकार का दोषी करार देते हुए सलमान को एक साल की सजा सुनाई थी, जबकि घोड़ा फार्म हाउस शिकार मामले में पांच साल की सजा हुई. इस सजा को कम मानते हुए राज्य सरकार ने सलमान की सजा बढ़ाने के लिए हाई कोर्ट में अपील की थी. कमाल की बात ये कि सेशंस कोर्ट से बाकी 11 आरोपियों के बरी होने के फैसले को राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती ही नहीं दी और यही चीज हाई कोर्ट में सलमान के हक में चली गई.

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सुप्रीम कोर्ट में जा सकता है केस
हालांकि, राजस्थान सरकार के वकील का कहना है कि हाई कोर्ट के इस फैसले को वो सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. यानी फिलहाल ये इस केस का आखिरी फैसला नहीं है. मुंबई के हिट एंड रन केस में भी बॉम्बे हाई कोर्ट से बरी होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. यानी 13 साल पुराने हिट एंड रन केस और 18 साल पहले पुराने शिकार के केस की आखिरी लड़ाई और आखिरी सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट में होनी है.

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