कोरोना का कहरः जानलेवा वायरस की दवा बनाने में जुटे कई देश, भारत भी कर रहा कोशिश

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर मचाया हुआ है. हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग संक्रमित हैं. काफी तेजी से फैल रही इस महामारी को रोकने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक लैब में कोशिशें कर रहे हैं.

पूरे देश में कोरोना से ग्रसित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है
शम्स ताहिर खान/परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 4:40 PM IST

  • किसी भी देश को अब तक नहीं मिली है कामयाबी
  • कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं वैज्ञानिक
  • अभी वैक्सीन बनने में लग सकता है थोड़ा वक्त

दुनियाभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस की अब तक कोई वैक्सीन नहीं बन सकी है. चीन और अमेरिका समेत भारत भी इसकी वैक्सीन बनाने में जुटा हुआ है. ऐसे में एक सवाल ये भी है कि आखिर हम कोरोना वायरस की वैक्सीन की खोज में अब तक कहां पहुंचे हैं. तो आइए जानते हैं वैक्सीन को लेकर दुनिया भर के देशों की अब तक की तैयारी के बारे में.

कोरोना से मचा हाहाकार

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर मचाया हुआ है. हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग संक्रमित हैं. तेजी से फैल रही इस महामारी को रोकने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक लैब में कोशिशें कर रहे हैं. लेकिन अब तक इसकी वैक्सीन नहीं बन सकी है. इसलिए अभी तक सिर्फ इस वायरस से बचाव ही किया जा सकता है. अभी वैक्सीन आने में करीब सालभर का वक्त लग सकता है. और अगर ऐसा हुआ तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे.

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वैक्सीन की खोज में कहां तक पहुंची दुनिया

भारत में जानी मानी कंपनी सिप्ला 6 महीने में कोरोना की दवा पेश कर सकती है. ऐसा हुआ तो ये दवा बनाने वाली सिप्ला भारत की पहली कंपनी होगी. फ्रांस में वैक्सीन बनाने और उससे 6 दिन में संक्रमित इंसान के ठीक होने का दावा किया गया है. मगर उसका टेस्ट अभी बाकी है.

अब बात करें चीन की तो एकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेस ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है, लेकिन उसके ट्रायल के लिए वॉलंटियर्स की तलाश है. इसी तरह से अमेरिका ने जर्मनी की फर्म CureVac को अमेरिका में दवा बनाने का न्योता दिया है. कई अमेरिकी वैज्ञानिक भी इस काम में जुटे हैं. जर्मनी में BioNTech कंपनी में वैज्ञानिक कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के बेहद करीब पहुंच गए हैं.

महामारी का इलाज तलाश रहे हैं हजारों वैज्ञानिक

इसके अलावा दुनियाभर की सैकड़ों निजी लैब्स, हजारों वैज्ञानिक और दवा कंपनियां इस कोशिश में जुटी हुई हैं. ताकि जल्द से जल्द इस महामारी का इलाज ढूंढा जा सके. अभी कोरोना से पीड़ित मरीजों को आइसोलेशन में रखकर उनका हरसंभव इलाज किया जा रहा है. कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या पूरी दुनिया में बढ़ती जा रही है.

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भारत में कोरोना के 580 से ज्यादा केस

गौरतलब है कि देशभर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अब तक 587 कंफर्म केस मिले हैं. इसमें 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 46 लोग ठीक हो चुके है. कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र और केरल प्रभावित हैं. महाराष्ट्र में 112 और केरल में 105 केस सामने आए हैं.

कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया है. यह लॉकडाउन आज से लागू हो गया है और 14 अप्रैल तक चलेगा. दफ्तर, बाजार, सार्वजनिक परिवहन सबकुछ बंद है. प्रधानमंत्री ने साफ-साफ कहा है कि इन 21 दिनों तक इस देश में कोई भी अपने घर से बाहर कदम नहीं रखेगा. केवल जीवनरक्षक सेवाएं ही इस दौरान जारी रहेंगी.

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