जिया खान डेथ मिस्ट्रीः हाईकोर्ट ने खारिज की एसआईटी गठन की मांग

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेत्री जिया खान की मौत के मामले में एसआईटी गठित करने की याचिका को खारिज कर दिया है. यह याचिका जिया की मां राबिया खान ने हाईकोर्ट में दायर की थी.

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जिया खान की मां राबिया ने SIT के लिए याचिका दायर की थी जिया खान की मां राबिया ने SIT के लिए याचिका दायर की थी

परवेज़ सागर

  • मुंबई,
  • 09 फरवरी 2017,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेत्री जिया खान की मौत के मामले में एसआईटी गठित करने की याचिका को खारिज कर दिया है. यह याचिका जिया की मां राबिया खान ने हाईकोर्ट में दायर की थी.

कोर्ट ने खारिज की मांग
इसी माह जिया खान की मौत के मामले राबिया ने हाईकोर्ट में एसआईटी के लिए याचिका दायर की थी. गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एसआईटी गठित किए जाने की मांग को खारिज कर दिया. राबिया का आरोप है कि जिया ने 3 जून 2013 को अभिनेता सूरज पंचोली की वजह से खुदकुशी कर ली थी.

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सीबीआई ने की थी आत्महत्या की पुष्टि
मामले की जांच करने वाली सीबीआई की टीम ने अपनी चार्जशीट में कहा कि फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञों का मानना है कि मौत की प्रकृति आत्महत्या जैसी है. पोस्टमार्टम विशेषज्ञों ने भी इससे सहमति जताई थी. सीबीआई के मुताबिक, जिया खान के तीन पेज के सुसाइड नोट के फॉरेंसिक विश्लेषण से उनकी मानसिक स्थिति के साथ ही खुदकुशी की वजहों के बारे में साफ पता चलता है.

जिया ने कराया था गर्भपात
जांच एजेंसी ने कहा था, 'जिया के सुसाइड नोट में सूरज के व्यवहार और अंतरंग संबंधों के बारे में लिखा गया है. सूरज द्वारा जिया के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का भी जिक्र है. बताया जा रहा है कि जिया गर्भवती थी. खुदकुशी से पहले उसने गर्भपात कराया था. उसकी ब्लीडिंग रोकने के लिए सूरज ने खुद भ्रूण को निकालकर टॉयलेट में फ्लश चलाकर बहाया था. उसके बाद जिया से दूरी बना ली थी.

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सूरज ने डिलीट किए थे मैसेज
इस संबंध में सूरज पंचोली ने अपने मोबाइल से जिया के बीबीएम (ब्लैकबेरी मैसेंजर) मैसेज डिलीट कर दिए थे. उसके बाद जिया ने आधी रात को सूरज को फोन किया. उनके बीच काफी कहासुनी हुई थी. सूरज ने अपने फोन से जिया को कई अपमानजनक और आरोपात्मक मैसेज भेजे थे. अगले दिन जब जिया की मां राबिया घर पहुंचीं तो उन्होंने बेटी को कमरे में पंखे से लटकते पाया और पुलिस को सूचना दी.

बताते चलें कि इस संबंध में सूरज पंचोली के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया था. उस पर हत्या का केस दर्ज करने से इंकार कर दिया गया था.

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