केंद्र सरकार की ओर से राज्यों की सिफारिश पर देशभर में श्रमिक ट्रेन चलाई जा रही हैं, जिनमें मजदूरों को वापस लाया जा रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों से अबतक यूपी के अलग-अलग शहरों में 1000 से अधिक ट्रेनें पहुंच गई हैं, जिनमें 16 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंचे हैं.
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यूपी देश का ऐसा राज्य है, जहां सबसे अधिक श्रमिक ट्रेनें पहुंची हैं. इसके अलावा प्रदेश में अन्य साधनों से भी करीब 6 लाख प्रवासी मजदूर यूपी पहुंचे हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश वापस लौट रहे हर प्रवासी श्रमिक को 1000 रुपये की आर्थिक मदद दे रही है, जो भरण-पोषण भत्ता के रूप में दिया जा रहा है.
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यूपी में श्रमिक ट्रेनों के अलावा 27 हजार बसों को भी श्रमिकों के लिए लगाया गया है, जिनके जरिए उन्हें स्टेशन से क्वारनटीन सेंटर या गांव पहुंचाया जा रहा है. राज्य में 12 हजार बसों से 6 लाख प्रवासी श्रमिकों को लाया गया है, इसके अलावा हर जिले को दो सौ अतिरिक्त बसें दी गई हैं.
बसों को लेकर जारी है राजनीति
गौरतलब है कि एक ओर प्रदेश सरकार की ओर से ये आंकड़े सामने आए हैं, तो दूसरी ओर अभी यूपी में ही बसों को लेकर बवाल जारी है. कांग्रेस पार्टी की ओर से श्रमिकों के लिए 1000 बसें देने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे लंबे विवाद के बाद यूपी सरकार ने स्वीकारा. लेकिन आरोप लगाया कि इसमें सिर्फ बस नहीं बल्कि एंबुलेंस, बाइक समेत अन्य वाहन का भी नंबर है.
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हालांकि, अभीतक इन बसों का इस्तेमाल मजदूरों को ले जाने के लिए नहीं किया गया है और कांग्रेस लगातार यूपी सरकार पर राजनीति का आरोप लगा रही है.
कुमार अभिषेक