Omicron: कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट पर Pfizer की वैक्सीन का असर बहुत कम, लैब टेस्ट में खुलासा

Omicron vaccine: कई वैक्‍सीनमेकर जिनमें मॉडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन, फाइजर शामिल हैं. ये सभी अगले कुछ सप्‍ताह के अंदर ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर अपना डाटा शेयर करेंगे.

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Pfizer Vaccine (Getty images) Pfizer Vaccine (Getty images)

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली ,
  • 08 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:23 AM IST
  • ओमिक्रॉन का सबसे पहला मामला पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका में ही मिला
  • 26 नवम्‍बर को इस वैरिएंट को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न', घोषित किया था

Pfizer BioNTech effectiveness against Omicron: कोरोना वायरस (Corona virus) के ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron Variant) पर अब भी मंथन चल रहा है कि ये पूर्ववर्ती डेल्‍टा वैरिएंट से कितना खतरनाक है?

इसी बीच ओमिक्रॉन पर वैक्‍सीन को लेकर एक स्‍टडी हुई है, यह स्‍टडी फाइजर वैक्‍सीन पर दक्षिण अफ्रीका में मौजूद अफ्रीका हेल्‍थ रिसर्च इंस्‍टीट्यूट ने की है. इस स्‍टडी में दावा किया गया है कि फाइजर वैक्‍सीन की दो डोज का ओमिक्रॉन पर असर आंशिक तौर पर ही है.

इस स्‍टडी में एक बात और भी सामने आई है कि जिन लोगों ने वैक्‍सीन की दोनों डोज ली थीं और पहले से इंफेक्‍शन था, उन ज्‍यादातर मामलों में वैरिएंट को बेससर कर दिया गया. स्‍टडी में ये सुझाव भी दिया गया है कि वैक्‍सीन की बूस्‍टर डोज वैरिएंट से बचा सकती हैं. अफ्रीका हेल्‍थ रिसर्च इंस्‍टीट्यूट के प्रोफेसर एलेक्‍स सिगल ने बताया ट्विटर पर बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को बेअसर करने के मामले में एक बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जोकि पहले के कोविड स्‍ट्रेन के मुकाबले ज्‍यादा  है. 

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उन्‍होंने बताया कि लैब में 12 ऐसे लोगों के ब्‍लड की जांच हुई, जिन लोगो फाइजर बायोएनटेक की वैक्‍सीन (Pfizer/BioNTech vaccine) ली थी. इनमें से 6 में से 5 लोग, जिन्‍होंने वैक्‍सीन की डोज ली थी और कोरोना के पहले के वैरिएंट से ग्रस्‍त हो चुके थे, उन्‍होंने ओमिक्रॉन वैरिएंट को बेअसर कर दिया. सिगल ने बताया, जो रिजल्‍ट आए हैं, वह जैसा मैं सोच रहा था उससे काफी सकारात्‍मक हैं. आपको जितनी एंटीबॉडी मिलेंगी, ओमिक्रॉन से निपटने के मौके उतने ही बढ़ जाएंगे.

सिगल ने ये भी बताया कि अभी उन लोगों की लैब में जांच नहीं हुई जिन लोगों को वैक्‍सीन का बूस्‍टर शॉट लगा है. ऐसे लोग अभी दक्षिण अफ्रीका में मौजूद नहीं हैं. 

वैक्‍सीनमेकर शेयर करेंगे नया डाटा 
ओमिक्रॉन वैरिएंट का सबसे पहला मामला पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका में ही मिला था. इसके बाद दुनिया के कई देशों में इस वैरिएंट के मामले सामने आने लगे हैं. 26 नवम्‍बर को इस वैरिएंट को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न', यानि चिंताजनक घोषित किया था.

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अभी इस वैरिएंट पर कोई उपयुक्‍त डाटा सामने नहीं आया है, क्‍योंकि कई वैक्‍सीनमेकर जिनमें मॉडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन, फाइजर शामिल हैं. ये सभी अगले सप्‍ताह के अंदर इस वैरिएंट को लेकर अपना डाटा शेयर करेंगे. BioNTech के CEO Ugur Sahin ने एनबीसी से बात करते हुए कहा कि गुरुवार तक उनका डाटा इस वैरिएंट को लेकर आ सकता है. 

 

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