कोरोना: कैबिनेट सचिव ने राज्यों से की बात, 13 शहरों के नगर निगम आयुक्त भी रहे मौजूद

लॉकडाउन 4.0 खत्म होने की ओर है, इसी बीच कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने राज्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की है. इस बैठक में राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ-साथ 13 महानगरों के नगर निगम आयुक्त भी शामिल हुए.

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मुंबई में लगातार बढ़ रहे हैं संक्रमण के केस (फाइल फोटो-PTI) मुंबई में लगातार बढ़ रहे हैं संक्रमण के केस (फाइल फोटो-PTI)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2020,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST

  • कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने की राज्यों के मुख्य सचिवों से बात
  • बैठक में 13 शहरों के म्युनिसिपल कमिश्नर भी हुए शामिल
देश में बढ़ते कोरोना संकट के बीच कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने कोरोना प्रभावित शहरों के नगर निगम आयुक्त, डीएम और सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से बातचीत की. गुरुवार को हुए इस बैठक में लॉकडाउन 4.0 की स्थिति पर चर्चा की गई.

13 सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित शहरों के अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए. मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई के नगर निगम कमिश्नर भी शामिल हुए. यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण इसलिए भी रही क्योंकि कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित 13 शहरों में 70 फीसदी मामले सामने आए हैं.

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राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्वास्थ्य सचिव भी शामिल रहे. इस बैठक का एजेंडा 'पब्लिक हेल्थ रेस्पांस टू कोविड-19' रहा. मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू और तिरुवेल्लूर के म्युनिसिपल कारपोरेशन कमिश्नर भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए थे. इन 13 शहरों के जिला मजिस्ट्रेट भी बैठक में शामिल हुए थे.

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तैयारियों पर हुई चर्चा

इस बैठक में कोरोना संकट पर अपनाए गए उपायों, प्रबंधन और म्युनिसिपल कारपोरेशन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई. केंद्र सरकार ने शहरों के लिए पहले ही कोविड-19 पर गाइड लाइन जारी की है. बैठक में कोरोना से निपटने की रणनीति, हाई रिस्क फैक्टर, कोरोना की पुष्टि दर, मौत के आंकड़े, दोगुने हो रहे केस और टेस्टिंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई.

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कोरोना के खिलाफ रणनीति पर चर्चा

बैठक में इस रणनीति पर गौर किया गया है कि किस तरह कोरोना वायरस के कंटेनमेंट जोन को चिन्हित किया जाता है, कौन से जोन बफर जोन होंगे, कंटेनमेंट जोन में संक्रमण के फैलाव को रोकने जैसे उपायों पर चर्चा की गई. कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कोरोना प्रोटोकॉल पर भी चर्चा की गई.

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केंद्र सरकार ने जोन निर्धारित करने का अधिकार राज्यों को दिया है. प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के उपायों को बढ़ाने पर जोर दिया गया है. नगर निगम, म्युनिसिपल जोन, कस्बे किस तरह से कंटेनमेट जोन घोषित किए जा सकते हैं, इस पर भी चर्चा की गई.

कंटेनमेंट जोन पर भी बातचीत

स्थानीय स्तर पर जोन बनाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है, जो टेक्निकल इनपुट के साथ काम करें. बफर जोन और कंटेनमेंट जोन में कोरोना वायरस संक्रमण की चेन को तोड़ने पर भी चर्चा की गई. बैठक में यह भी बात सामने आई कि पुराने शहर, शहरी स्लम एरिया और सघन आबादी वाले अन्य क्षेत्रों में कोविड-19 से निपटने की तैयारियां कैसी हैं.

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देश में 24 मार्च को लॉकडाउन का पहला चरण घोषित किया गया था. 21 दिनों के इस लॉकडाउन की घोषणा पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी. 3 मई को लॉकडाउन फिर बढ़ाया गया. फिर 17 मई को बढ़ाया गया. लॉकडाउन 4.0 की मियाद 31 मई को खत्म हो रही है.

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