कोरोना: बांग्लादेश ने की मदद की पेशकश, भारत को इमरजेंसी दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भेजने का फैसला

भारत में कोरोना की स्थिति तेजी से बिगड़ने के चलते, बांग्लादेश सरकार ने देश के लोगों को इमरजेंसी आधार पर दवाएं और चिकित्सा उपकरण प्रदान करने की पेशकश की है. बांग्लादेश सरकार लगभग 10,000 एंटीवायरल इंजेक्शन और दवाएं, 30000 PPE किट्स, कुछ हज़ार जिंक, कैल्शियम, विटामिन C और अन्य जरूरी टैबलेट्स भेजकर भारत की सहायता करने की कोशिश करना चाह रही है. 

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कोरोना के बीच बांग्लादेश ने की मदद की पेशकश (फोटोः गेटी) कोरोना के बीच बांग्लादेश ने की मदद की पेशकश (फोटोः गेटी)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 29 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 5:26 PM IST
  • बांग्लादेश ने भारत को मदद की पेशकश की
  • दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भेजने का फैसला

देश में कोरोना महामारी के चलते हालात खराब होते जा रहे हैं. इस बीच बांग्लादेश सरकार ने भारत को इमरजेंसी दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भेजने का फैसला किया है. गुरुवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई. 

बयान में कहा गया है कि भारत में कोरोना की स्थिति के तेजी से बिगड़ने के चलते, बांग्लादेश सरकार ने देश के लोगों को इमरजेंसी आधार पर दवाएं और चिकित्सा उपकरण प्रदान करने की पेशकश की है. बांग्लादेश सरकार लगभग 10,000 एंटीवायरल इंजेक्शन और ओरल दवाएं, 30000 PPE किट्स, कुछ हज़ार जिंक, कैल्शियम, विटामिन C और अन्य जरूरी टैबलेट्स भेजकर भारत की सहायता करने की कोशिश करना चाह रही है. 

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कोरोना महामारी से भारत में जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख और सहानुभूति व्यक्त करते हुए, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह संकट के इस समय में अपने करीबी पड़ोसी भारत के साथ खड़ा है. बांग्लादेश भारत के साथ एकजुटता दिखा रहा है और साथ ही जान बचाने के लिए हर संभव मदद करने के लिए तैयार है. 

आगे कहा गया कि बांग्लादेश के लोग भारत के लोगों की राहत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. बांग्लादेश आवश्यकता पड़ने पर भारत को और सहायता प्रदान करने का इच्छुक है. 

उधर, इंडियन एक्सप्रेस ने एक सरकारी सूत्र के हवाले से बताया कि कोरोना से पैदा हुई स्थितियों के चलते भारत को अपनी 16 साल पुरानी नीति को बदलना पड़ रहा है. कोरोना संकट के कारण ऑक्सीजन और अन्य स्वास्थ्य ढांचा चरमराने के बाद भारत ने विदेशों से उपहार, दान और मदद स्वीकार करना शुरू कर दिया है. 

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इसके अलावा, राज्य सरकारें विदेशी एजेंसियों से जीवन रक्षक उपकरणों और दवाओं की खरीद के लिए भी स्वतंत्र हैं, और केंद्र सरकार रास्ते में नहीं आएगी.

रिपोर्ट- शहीदुल हसन खोकान

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