क्या आगे बढ़ेगी 2000 रुपये के नोटों को जमा कराने की डेडलाइन? सरकार ने कही ये बात

2000 रुपये के नोटों को जमा कराने की डेडलाइन बढ़ाने पर सरकार ने अपनी स्थिति साफ कर दी है. रिजर्व बैंक ने 19 मई को 2000 रुपये को वापस मंगाने का ऐलान किया था. इसे जमा कराने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है.

Advertisement
मई में रिजर्व बैंक ने लिया था बड़ा फैसला. मई में रिजर्व बैंक ने लिया था बड़ा फैसला.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 8:11 AM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2000 रुपये के नोटों को बदलने के लिए 30 सितंबर 2023 की डेडलाइन तय की है. अगर आपके पास अभी भी 2000 रुपये के नोट हैं, तो इसे डेडलाइन से पहले बैंकों में जमा करवा दीजिए. क्योंकि 2000 रुपये के नोटों को जमा करने की डेडलाइन सरकार आगे नहीं बढ़ाने वाली है. संसद में कुछ सदस्यों ने सरकार से पूछा कि क्या 2000 रुपये के नोटों को जमा कराने की डेडलाइन बढ़ाई जाएगी? इसपर वित्त मंत्रालय ने जवाब दिया. बता दें कि रिजर्व बैंक ने 19 मई को 2000 रुपये को वापस मंगाने का ऐलान किया था.

Advertisement

क्या आगे बढ़ेगी डेडलाइन?

डेडलाइन को आगे बढ़ाने पर स्थिति को साफ करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि 2000 रुपये के नोटों को जमा कराने की आखिरी तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. यानी जिनके पास अभी भी 2000 रुपये के नोट हैं, उन्हें 30 सितंबर से पहले जमा करना होगा. संसद के मॉनसून सत्र में सुप्रिया सुले समेत कई सांसदों ने इस बारे में पूछा था. सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पकंज चौधरी ने साफ कर दिया कि डेडलाइन में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार ऐसा कुछ विचार नहीं कर रही है. वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि जो 2000 रुपये के नोट वापस बैंक में जमा किए जा रहे हैं, उसके बदले में देने के लिए दूसरी करेंसी का स्टॉक उपलब्ध है.

Advertisement

मई में लिया था सरकार ने फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक ने मई में सबसे बड़ी करेंसी 2000 रुपये के नोट पर बड़ा फैसला था. हालांकि, रिजर्व बैंक ने कहा था कि 2,000 रुपये के नोट 30 सितंबर तक वैध रहेंगे. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2000 रुपये के नोट को 'क्लीन नोट पॉलिसी' के तहत बंद करने का फैसला किया था. इस पॉलिसी के तहत आरबीआई धीरे-धीरे 2000 के नोट बाजार से वापस मंगा रहा है.

2016 में रिजर्व बैंक ने जारी किए थे ये नोट

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी का ऐलान किया था. तब 500 और 1000 के नोट चलन बाहर कर दिए गए थे. सरकार के इस फैसले से देश में काफी उथल-पुथल मची थी, लेकिन फिर नए नोट करेंसी मार्केट का हिस्सा बने.

सरकार ने 200, 500 और 2 हजार का नोट लॉन्च किया था. लेकिन अब इनमें से 2 हजार का नोट लॉन्च किया था. नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद अगले कई महीनों तक देश में काफी अफरा-तफरी का माहौल बना रहा था. लोगों को पुराने नोट जमा करने और नए नोट हासिल करने के लिए बैंकों में लंबी लाइनों में लगना पड़ा था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement