RBI Rule Change: आपके खाते पर लगा है 'ऑटो डेबिट'? आरबीआई ने बदले नियम... ऐसे होगा असर

RBI Auto Debit Rule Change: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ऑटो डेबिट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है और इनके चलते अब ग्राहकों के हाथ में ज्यादा कंट्रोल दिया गया है.

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ऑटो डेबिट से जुड़े नियमों में किया गया बड़ा बदलाव. (Photo: ITG) ऑटो डेबिट से जुड़े नियमों में किया गया बड़ा बदलाव. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:00 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑटो डेबिट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है और डिजिटल पेमेंट के लिए नया ई-मैंडेट फ्रेमवर्क जारी किया है. इसमें बार-बार होने वाले पेमेंट्स के लिए हर लेनदेन पर 15,000 की लिमिट सेट की गई है और इसके लिए ओटीपी (OTP) जैसे प्रमाणीकरण की जरूरत नहीं होगी. यानी अब सिर्फ 15,000 से ज्यादा के ऑटो-पेमेंट के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी. केंद्रीय बैंक के इस कदम का उद्देश्य बड़े भुगतानों को और ज्यादा सिक्योर करना है. 

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हालांकि ये तभी होगा जब यूजर ओटीपी या पिन का इस्तेमाल करके एक बार के ई-मैंडेट को मंजूरी दे. यानी ग्राहकों को एक बार एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी AFA पूरा करना होगा, जिसमें पहले लेनदेन के लिए भी इसकी जरूरत होगी.

इस बदलाव के जरिए अब ग्राहकों के पास ज्यादा कंट्रोल होगा. एक बार रजिस्ट्रेशन होने के बाद तय की गई लिमिट के भीतर का पेमेंट ऑटो डेबिट होगा, लेकिन लिमिट से अधिक के लेनदेन के लिए अतिरिक्त सत्यापन करने की जरूरत होगी. 

क्यों आरबीआई ने बनाया नियम? 
भारतीय रिजर्व बैंक ने E-Mandate के लिए संशोधित फ्रेमवर्क दरअसल, इसलिए पेश किया है, ताकि यूजर्स को ऑटो-डेबिट पेमेंट्स पर अधिक कंट्रोल मिले. इसके साथ ही इस कदम से सुरक्षा और पारदर्शिता में भी सुधार होगा. RBI New Rule तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और खासतौर पर इनका उद्देश्य यूजर्स के लिए नियमित डिजिटल लेनदेन को सरल बनाना है.

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केंद्रीय बैंक ने एक बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम भुगतान, म्यूचुअल फंड मेंबरशिप और क्रेडिट कार्ड बिल सेटलमेंट से जुड़े ट्रांजैक्शंस के लिए ये लिमिट प्रति लेनदेन एक लाख रुपये तक तय की है.

इसके साथ ही Digital Payment E-Mandate Framework 2026 के तहत रेग्युलेटर ने यह अनिवार्य किया है कि रजिस्टर्ड हर ई-मैंडेट में उसकी टाइमलाइन स्पष्ट रूप से तय होनी चाहिए, जिससे ग्राहकों के पास पूरा कंट्रोल हो और वे कभी भी इसे बदल या रद्द कर सकें. 

24 घंटे पहले आएगा अलर्ट 
केंद्रीय बैंक ने नियमों में बदलाव करते हुए अलर्ट सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है. इसके तहत अब किसी भी रिकरिंग पेमेंट से 24 घंटे पहले आपको अलर्ट मिलेगा. यानी बैंकों को अब लेनदेन से कम से कम 24 घंटे पहले प्री-डेबिट सूचना भेजनी होगी.

इस नोटिफिकेशन में मर्चेंट के नाम से लेकर लेनदेन की रकम और डेबिट डेट दर्ज होगी. यूजर के पास कंट्रोल होगा कि वो पेमेंट कैंसिल भी कर सकता है. सिर्फ ऑटो डेबिट से पहले ही नहीं, बल्कि पैसे कटने के बाद भी आपको फटाफट अलर्ट मिलेगा. 

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