भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन ठीक नहीं रहा. कारोबार के अंत में बाजार ने लगातार तीन दिनों की बढ़त गंवा दी और सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूट गया. सेंसेक्स 318 अंक लुढ़क कर 38,897 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी की बात करें तो 90 अंक टूटकर 11 हजार 596 के स्तर पर रहा.
यस बैंक के शेयर में बड़ी गिरावट
कारोबार के अंत में यस बैंक के शेयर 12 फीसदी से अधिक लुढ़क कर बंद हुए. हालांकि कारोबार के दौरान यह गिरावट 16 फीसदी तक पहुंच गई थी. अगस्त 2018 से लकर अब तक यस बैंक के शेयर में 78 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है. इसका असर बैंक के संस्थापक और पूर्व सीईओ राणा कपूर के नेटवर्थ पर भी देखने को मिला है. इस दौरान राणा कपूर को एक अरब डॉलर (7,000 करोड़) का नुकसान झेलना पड़ा है.
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट
दरअसल, हाल ही में यस बैंक ने चालू वित्त वर्ष के तिमाही नतीजों का ऐलान किया है. साल दर साल आधार पर बैंक का मुनाफा 91 फीसदी कम हुआ है. इसके अलावा बैंक के बैड लोन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 113.76 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,260.36 करोड़ रुपये रहा था. पहली तिमाही में बैंक के एनपीए में 5.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो 31 मार्च को समाप्त हुई पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 3.22 फीसदी रही थी.
यस बैंक के अलावा ओएनजीसी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा, वेदांता, मारुति, बजाज ऑटो, टीसीएस, एसबीआई और एचसीएल के अलावा इंडसइंड बैंक के शेयर लाल निशान पर बंद हुए. हालांकि एचडीएफसी, कोटक बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और आईटीसी के शेयर हरे निशान पर रहे. बता दें कि डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को 9 पैसे की मजबूती के साथ 68.73 पर खुला.
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