बैड लोन की मार झेल रहे बैंकों को इससे फिलहाल राहत मिलने वाली नहीं है. भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक अभी गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है.
ने मंगलवार को अपनी फाइनेंशियल स्टैब्लिटी रिपोर्ट (FSR) में कहा है कि अगर अर्थव्यवस्था की स्थिति मौजूदा समय के अनुसार ही रहती है, तो मार्च 2019 तक एनपीए 12.2 फीसदी पर पहुंच सकता है. यह पिछले वित्त वर्ष के 11.6% से ज्यादा होगा.
इसके अलावा के घटते प्रॉफिट को लेकर भी चिंता जताई है. केंद्रीय बैंक ने कहा है कि मुनाफा घटने की वजह से बैंक अपने संभावित नुकसान को कम करने के लिए पैसे अलग से नहीं रख पाते हैं. इसकी वजह से उनके लिए ऐसे झटकों से जूझने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
रिपोर्ट में चेताया गया है कि अगर बिगड़ती है, तो यह आंकड़ा मार्च तक 13.3 फीसदी पर भी पहुंच सकता है. आरबीआई ने कहा है कि सरकारी बैंकों के लिए यह अनुपात 17.3% का आंकड़ा छू सकता है.
बता दें कि एनपीए के बोझ से जूझ रहे बैंकों के सामने वित्तीय घोटाले भी एक नई चुनौती बन रहे हैं. इन घोटालों को लेकर भी आरबीआई ने चेताया है.
उसने कहा है कि वित्त वर्ष 2018 में सबसे ज्यादा सरकारी बैंकों में हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कुल बैंक फ्रॉड में से 85 फीसदी घोटाले सरकारी बैंकों में हुए हैं.
विकास जोशी