दुकान और ऑफिस किराए से 20 लाख की आमदनी तो तुरंत कराएं GST रजिस्ट्रेशन

रिहायशी संपत्ति से किराया आय को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट दी गयी है लेकिन वाणिज्यिक उद्देश्य से किराया या पट्टे से सालाना 20 लाख रुपये से अधिक आय पर जीएसटी लगेगा.

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किराएदारी से है जोरदार आमदनी तो भरें GST किराएदारी से है जोरदार आमदनी तो भरें GST

राहुल मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 11 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

रिहायशी संपत्ति से किराया आय को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट दी गयी है लेकिन वाणिज्यिक उद्देश्य से किराया या पट्टे से सालाना 20 लाख रुपये से अधिक आय पर जीएसटी लगेगा.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि अगर आवासीय संपत्ति दुकान या कार्यालय के लिये किराया पर दिया गया है, तो नहीं लगेगा. अधिया ने जीएसटी मास्टर क्लास में कहा, रिहायशी मकान से मिलने वाली किराया आय को छूट दी गयी है. लेकिन अगर आपने अपनी इकाई वाणिज्यक उपक्रम को दी है और अगर आप 20 लाख रुपये से अधिक प्राप्त कर रहे हैं तब आपको कर देना होगा.

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70 लाख लोगों का हुआ रजिस्ट्रेशन

जो करदाता छूट सीमा से अधिक कमा रहे हैं, उन्हें जीएसटी नेटवर्क से पंजीकरण करना होगा और कर देना होगा. जीएसटीएन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रकाश कुमार ने कहा कि 69.32 लाख पंजीकृत् उत्पाद, सेवा कर और वैट भुगतानकर्ता जीएसटीएन पोर्टल पर चले गये हैं. पुरानी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में ऐसी 80 लाख इकाइयां थी.

4.5 लाख नए कारोबारी ने कराया रजिस्ट्रेशन

वहीं सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में 30.8 लाख कारोबारियों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना है. उन्हें केन्द्र सरकार की तरफ से लगातार ईमेल और एसएमएम भेजा जा रहा है जिससे वह जल्द से जल्द अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा कर लें. इसके अलावा लगभग 4.5 लाख नए करदाताओं ने जीएसटीएन पोर्टल पर 25 जून के बाद रजिस्ट्रेशन करा लिया है.

17 जुलाई से कराएं GST रजिस्ट्रेशन में गलती का सुधार

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गौरतलब है कि जीएसटीएन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा चुके लोगों को दी गई जानकारी जैसे कारोबार की जगह, प्रमोटर का डीटेल इत्यादि में कोई सुधार कराना है तो पोर्टल पर 17 जुलाई से लिंक दिया जाएगा. इसके अलावा उसी दिन से जीएसटी प्रैक्टिशनर की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.

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