नोटबंदी और जीएसटी के शुरुआती झटकों के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत की आर्थिक वृद्धि में तेजी आने की उम्मीद जताई है. इस वैश्विक वित्तीय संस्था ने अपने एक नोट में कहा है कि भारत इस साल आर्थिक वृद्धि दर के मामले में चीन को पीछे छोड़ सकता है.
ने शुक्रवार को जी-20 सर्विलांस नोट जारी किया. 'वैश्विक संभावनाएं एवं नीतिगत बदलाव' विषय से जारी किए गए इस नोट में आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्वास जताया है. इसमें उसने कहा है कि भारतीय बाजार अब तेजी पकड़ सकता है. दूसरी तरफ, उसने अनुमान लगाया है कि इस साल चीन की इकोनॉमी की रफ्तार घट सकती है.
अगले हफ्ते में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक होने वाली है. इससे पहले जारी इस नोट में आईएमएफ ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक वृद्धि के वापस कमजोर रुख अपनाने की आशंका है.
नोट के मुताबिक टैक्स प्रणाली में बदलाव, बढ़ते और बेहतर बाहरी मांग के चलते अमेरिका की अर्थव्यवस्था के मजबूत होने की संभावना है. इसके उलट चीन की आर्थिक वृद्धि दर के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की आशंका जताई गई है. चीन में राजकोषीय प्रोत्साहन उपायों की संभावित वापसी और ऋण मांग के कमजोर पड़ने की वजह से यह बदलाव आ सकता है.
हालांकि भारत को लेकर रुख अपनाया है. उसने कहा है कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े फैसलों के बाद भी देश की आर्थिक वृद्धि में तेजी का रुख दिख रहा है.
यूरोपीय देशों को लेकर ने कहा है कि यहां निर्यात की मांग बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा ब्राजील और रूस में अर्थव्यवस्था के मजबूत होने की उम्मीद है.
विकास जोशी