एक मई 2017 से घर खरीदने वाले लोगों को तीन फायदे मिलेंगे. पहला, लिखित में उन्हें यह बताया जाएगा कि किस तारीख को उन्हें घर सौंप दिया जाएगा. दूसरा, देरी होने पर उन्हें 10.9 फीसदी ब्याज के साथ पैसे वापस मिलेंगे. अगर खरीदने वाला पैसे नहीं लेना चाहे तो बेचने वाले को देरी के लिए पैसे पर ब्याज देना होगा.
केंद्र सरकार ने इस नियमों को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है जो पूरे देश में लागू होगा. यह नोटिफिकेशन रियल इस्टेट रेगुलेशन एक्ट के तहत जारी किया गया है. अगर तय समय पर घर नहीं दिया गया तो बिल्डर और खरीददार के बीच का एग्रीमेंट खुद ही रद्द हो जाएगा. बिल्डर को 45 दिनों में रिफंड देना होगा.
हालांकि, किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से घर बनने में देरी हो तो बिल्डर को नियमों में छूट मिल सकती है. इसमें युद्ध, बाढ़, साइक्लॉन और सूखा जैसी स्थिति को शामिल किया गया है. इसके साथ-साथ अगर खरीददार पेमेंट देने में देरी करता है तो भी घर का कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो सकता है.
अभिषेक आनंद