असम में जलप्रलय: अब तक 44 लोगों की मौत, 15 लाख बेघर

लगातार बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं. यूपी, एमपी, उत्तराखंड से लेकर असम तक जल प्रलय जारी है. असम में बाढ़ की स्थिति बेहद खराब है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है.

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असम में बारिश और बाढ़ से हाल बेहाल, नदियों में खतरनाक उफान असम में बारिश और बाढ़ से हाल बेहाल, नदियों में खतरनाक उफान

राहुल मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 8:29 AM IST

राजधानी दिल्ली मानसून की धुआंधार बारिश का इंतजार कर रही है. वहीं आधे उत्तर भारत को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया हैं. लगातार बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं. यूपी, एमपी, उत्तराखंड से लेकर असम तक जल प्रलय जारी है. असम में बाढ़ की स्थिति बेहद खराब है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है.

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बाढ़ की चपेट में आए अबतक 44 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य की नदियों में उफान और जलभराव से 15 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं.

कहीं विलुप्त न हो जाएं 'राइनो ऑफ काजीरंगा'

साथ ही राज्य में स्थित काजीरंगा नैशनल पार्क पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है. जलभराव से नेशनल पार्क में स्थित यूनीहॉर्न राइनों (गेंडा) की जिंदगी पर खतरा मंडरा रहा है. हालांकि असम के पार्क में स्थित राइनों 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं.

लेकिन यह ज्यादा देर तक दौड़ नहीं सकते और इनकी नजर बेहद कमजोर होती है. ऐसे में बाढ़ की स्थिति पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो पार्क को कई राइनों से हाथ धोना पड़ सकता है.

गौरतलब है कि यूनीहॉर्न राइनो सिर्फ भारत, पाकिस्तान और नेपाल में पाया जाता है और भारत में इसकी सबसे ज्यादा जनसंख्या है. इस राइनों को राइनों ऑफ काजीरंगा के नाम से दुनियाभर में जाना जाता है.

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