पूरे देश को जीएसटी समझाने के लिए आजतक की कोशिश के चलते आयोजित जीएसटी कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर वेंकय्या नायडू ने जीएसटी और उसकी हकीकत पर अपनी बात कही. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने की. सत्र की शुरुआत करते हुए केन्द्र मंत्री नायडू ने पहले आजतक कॉन्क्लेव के मंच पर घंटी बजाकर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि जीएसटी के पक्ष में उनकी सबसे बड़ी दलील यह है कि इससे पूरे देश को एक टैक्स ढ़ाचे में पिरोने के साथ-साथ पूरे देश कि एकीकृत बाजार बनाया जाएगा.
GST की परिकल्पना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने की थी. इसके बाद आने वाली सभी सरकारों ने को हकीकत में बदलने में अपना अहम योगदान दिया. इसके चलते ही संसद के दोनों सदनों ने इसे पारित किया. लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब विपक्ष जीएसटी कार्यक्रम का इसका विरोध कर रहा है. जबकि हकीकत यह है कि विपक्ष समेत देश के किसी राजनीतिक दल को जीएसटी के किसी प्रावधान से कोई दिक्कत नहीं है.
राजदीप ने नायडू से पूछा कि आखिर जीएसटी पर जब पूरा विपक्ष तैयार है तो वह किन कारणों से इसके उद्घाटन समारोह का विरोध कर रहे हैं. नायडू का मानना है कि विपक्ष इसका विरोध महज इसलिए कर रही है जिससे वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीन मंत्र को सफल होता नहीं देखना चाहते क्योंकि यह उनकी राजनीतिक है. नायडू के मुताबिक जब विपक्ष समेत देश के सभी राजनीतिक दल जीएसटी मसौदे पर एकमत है, ऐसे में उनका विरोधो सिर्फ यह दिखाता है कि वह प्रधानमंत्री के साथ खड़े होने में हिचक रहे हैं.
वहीं जीएसटी से एक सबसे बड़े फायदे पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि रियल एस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी (रेरा) से घर खरीदारों को बड़ा फायदा मिलेगा. केन्द्र सरकार की सस्ते घर की कोशिश को सफल करने का मौका रिएल एस्टेट क्षेत्र में सरकार की कोशिशों और जीएसटी लागू होने के बाद देखने को मिलेगा.
राहुल मिश्र