गुरुग्राम में महीने का खर्च ₹89,500, टेक प्रोफेशनल का बजट देख सोशल मीडिया पर बहस

क्या गुरुग्राम जैसे महंगे शहर में स्मार्ट प्लानिंग से लाखों की सैलरी बचाई जा सकती है. एक टेक प्रोफेशनल ने अपने महीने के खर्चों का पूरा कच्चा-चिट्ठा शेयर किया है, जिसमें ₹1,500 के ट्रैवल बिल और भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट ने सबको हैरान कर दिया है.

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गुरुग्राम में रहने का कितना खर्च? (Photo-ITG) गुरुग्राम में रहने का कितना खर्च? (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

गुरुग्राम में रहना आम मिडिल क्लास के लिए मुश्किल होता जा रहा है. यहां प्रॉपर्टी के रेट तेजी से बढ़ रहे हैं कि लाखों की सैलरी भी कम पड़ रही है. गुरुग्राम में रहने वाली एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने अपने महीने के खर्चों का पूरा हिसाब-किताब सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो कुल मिलाकर लगभग ₹90,000 बैठता है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. 

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लड़की ने 'गुरुग्राम में रहने पर मेरा कितना खर्च होता है" शीर्षक वाले एक वीडियो में अपने बिलों का ब्योरा दिया है, जिसमें किराया और बिजली के लिए ₹16,000, किराने के सामान के लिए ₹3,000 और ट्रांसपोर्ट के लिए ₹1,500 शामिल हैं. वह अपनी स्किनकेयर और शॉपिंग के लिए ₹5,000, फिल्मों और बाहर खाना खाने जैसे मनोरंजन के लिए ₹4,000 अलग से रखती हैं.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

हालांकि, उनके वित्तीय विवरण का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा भविष्य की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है. उसके महीने का सबसे बड़ा खर्च ₹60,000 है, जो पूरी तरह से ईएमआई (EMI) और एसआईपी (SIP) के लिए समर्पित है. निवेश का यह बड़ा हिस्सा उसके कुल मासिक खर्च को ₹89,500 तक ले जाता है, जो आज के दौर के एक आधुनिक टेक प्रोफेशनल की जीवनशैली की झलक पेश करता है.

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वीडियो के वायरल होते ही लोग उनके ₹1,500 के ट्रैवल खर्च को देखकर हैरान रह गए. कई यूजर्स ने पूछा कि 'बिना ओला-उबर' के गुरुग्राम में रहना कैसे मुमकिन है. इस पर लड़की ने सफाई दी कि हाइब्रिड वर्किंग मॉडल (महीने में सिर्फ 10 दिन ऑफिस) और ऑफिस कैब की सुविधा ने उनके बजट को बिगड़ने से बचा लिया.  

एक तरफ जहां मिलेनियम सिटी के गगनचुंबी कॉन्डोमिनियम और हाई-टेक ऑफिस स्पेस वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ निक्कीता यादव जैसे प्रोफेशनल्स का बजट ऑडिट यह भी दिखाता है कि स्मार्ट लोकेशन चुनकर अब भी इस महंगे शहर में खर्च और निवेश के बीच संतुलन बनाया जा सकता है.


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