दुनिया में कई अजीबोगरीब जगहें हैं, लेकिन फ्लोरिडा का 'फ्लोरिडा नेचुरिस्ट पार्क' अपनी कहानियों के लिए सबसे अलग है. यह एक ऐसी जगह है जहां लोग बिना कपड़ों के यानी नग्न होकर अपनी जिंदगी बिताते थे. लेकिन अब खबर है कि 67 साल पुरानी इस नग्नतावादी कॉलोनी को इसके मालिकों ने बेचने का फैसला किया है. उन्हें उम्मीद है कि कोई नया मालिक इसे इसके विवादित अतीत से बाहर निकाल पाएगा.
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, यह पार्क टैम्पा शहर से करीब एक घंटे की दूरी पर घने जंगलों के बीच बना है. 1959 में एक बढ़ई (वुडवर्कर) थॉमस वार्ड गुलविन ने इसकी शुरुआत की थी. अपने शुरुआती दिनों में यह करीब 220 एकड़ में फैला हुआ था और यहां हजारों लोग ऐसी आजादी की तलाश में आते थे जो समाज में मिलना मुश्किल थी. यहां लोग बिना किसी रोक-टोक के नग्न होकर वॉलीबॉल खेलते थे और धूप सेंकते थे.
इस पार्क की कहानी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही डरावनी भी. देखा जाए तो यहां रहने के लिए एक अजीब शर्त थी हर किसी को नग्न रहना ही पड़ता था. यही नहीं, दशकों तक यहां एक 'काला नियम' भी चला कि सिर्फ गोरे लोग ही जमीन खरीद सकते थे या सदस्य बन सकते थे. इतना ही नहीं, इस पार्क का नाता झील में डूबने की घटनाओं, खुले घूमते अजगरों और यहां तक कि अलगाववादी नेताओं से भी रहा है. जहां इसके आसपास के दूसरे न्यूडिस्ट रिसॉर्ट्स ने खूब नाम और पैसा कमाया, वहीं फ्लोरिडा नेचुरिस्ट पार्क हमेशा विवादों और पुलिस की नजरों में बना रहा. इसके संस्थापक वार्ड गुलविन का रिकॉर्ड भी काफी खराब था. उन पर दो शादियां करने और अश्लीलता फैलाने जैसे कई आरोप थे, जिसके लिए उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी.
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बिकने की राह में हैं बड़ी मुश्किलें
अब संस्थापक की मौत के सालों बाद उनके बच्चे इस 58 एकड़ की संपत्ति को बेचना चाहते हैं. इसकी कीमत करीब 21 करोड़ रुपये (2.5 मिलियन डॉलर) रखी गई है. इसमें तीन झीलें, एक क्लब हाउस और रहने के लिए कई घर शामिल हैं. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती, इसे बेचना इतना आसान नहीं है. मालिकों का कहना है कि उनके पास इस तरह की कॉलोनी चलाने का तजुर्बा नहीं है और आज के दौर में बहुत कम लोग जानते हैं कि एक न्यूडिस्ट कॉलोनी कैसे चलाई जाती है.
रिपोर्ट्स की मानें तो, इस जगह को आवासीय कॉलोनी (Residential Colony) बनाना भी मुश्किल है क्योंकि यहां की जमीन नग्नता के लिए आरक्षित है. यही वजह है कि अब तक कई लोगों ने दिलचस्पी तो दिखाई है, लेकिन कोई ठोस सौदा नहीं हो पाया है.
जब पालने वाले ही बच्चों से हो गए दूर
इस पार्क का अतीत इतना खराब था कि 1965 के आसपास सरकारी विभाग ने गुलविन दंपति के 6 बच्चों को उनसे अलग कर दिया था. वजह यह थी कि जिस घर में वे रहते थे, वह रहने लायक नहीं था. वहां इतनी गंदगी और अव्यवस्था थी कि रहना मुश्किल था. संस्थापक की पत्नी की मौत भी 1975 में एक छोटे से ट्रेलर में हुई थी. इसके बाद यह पार्क धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होने लगा.
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क्या फिर से लौटेगी रौनक?
2003 में एक डेवलपर ने इसे 'नग्नतावादी रिसॉर्ट' में बदलने की कोशिश की थी, लेकिन यहां रहने वाले पुराने लोगों ने इसका जमकर विरोध किया. कोर्ट-कचहरी के चक्कर में वह सौदा भी रद्द हो गया. आज हालत यह है कि यहां के क्लब हाउस में सैलानियों की जगह जंगली सारस घूमते नजर आते हैं. फिलहाल एक एयर कंडीशनिंग कंपनी के मालिक ने इस जगह को खरीदने में रुचि दिखाई है. वे इसे एक आलीशान रिसॉर्ट बनाना चाहते हैं. लेकिन यहां रहने वाले कुछ पुराने निवासी अब भी अड़े हुए हैं.
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