भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में स्थित चार पैतृक कृषि संपत्तियों को आखिरकार नया खरीदार मिल गया है. एक नीलामी में मुंबई के एक शख्स ने सभी चार प्लॉट के लिए सबसे ऊंची बोली लगाकर इन्हें अपने नाम कर लिया है.
यह नीलामी 'तस्कर और विदेशी मुद्रा जोड़-तोड़ अधिनियम' यानी SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत की गई थी. अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से इन संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया चल रही थी, जिसे अब सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है.
ये चारों कृषि भूखंड रत्नागिरी जिले के खेड तालुका के मुंबके गांव में स्थित हैं. मुंबके दाऊद इब्राहिम का पैतृक गांव माना जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से कई प्लॉट मूल रूप से दाऊद की मां, अमीना बी के नाम पर दर्ज थे.
डॉन की संपत्तियों को खरीदने के लिए पहले लोग डर के कारण सामने नहीं आते थे, लेकिन इस बार मुंबई के एक निवेशक ने साहस दिखाते हुए सभी चार प्लॉटों पर कब्जा जमाया है. यह नीलामी न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अपराधियों के मन में कानून के डर और सरकार की कड़क कार्रवाई का एक बड़ा संदेश भी है.
पहले भी कई बार हुई थी जमीन को बेचने की कोशिश
प्रशासन ने इससे पहले 2017, 2020, 2024 और 2025 में भी इन संपत्तियों को बेचने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार विफलता हाथ लगी. नवंबर 2025 में तो सरकार ने रिजर्व प्राइस (न्यूनतम कीमत) में 30 प्रतिशत की भारी कटौती भी की थी, फिर भी कोई खरीदार डर के मारे आगे नहीं आया. सूत्रों के अनुसार, इन संपत्तियों के साथ दाऊद और 'डी-कंपनी' का नाम जुड़ा होना ही निवेशकों के पीछे हटने की मुख्य वजह थी, क्योंकि लोग अंडरवर्ल्ड के साथ किसी भी तरह के विवाद या सुरक्षा जोखिम से बचना चाहते थे.
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