भारतीय शेयर बाजार में एक दिग्गज कंपनी के स्टॉक में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली. इस कंपनी के शेयर की कीमत कई ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों पर आधा से भी कम हो गया या 63 फीसदी तक कम हो गया है, लेकिन यह कोई बड़ी गिरावट नहीं थी. यह सिर्फ कंपनी द्वारा लिये एक रणनीतिक बदलाव के कारण था.
जिस कंपनी के शेयर भाव अचानक इतने कम हुए, उसका नाम अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता है. वेदांता के शेयर भाव 63 फीसदी कम होकर गुरुवार को 289.50 रुपये पर आ गए, जबकि एक दिन पहले यह 773.60 रुपये पर बंद हुआ था.
क्यों आई 63 फीसदी की गिरावट?
दरलअसल, अनिल अग्रवाल के लीडरशिप वाली वेदांता लिमिटेड का डीमर्जर हो गया है. कंपनी ने अपने कई बिजनेस को अलग कर दिया है. आज इसका रिकॉर्ड डेट था, जिस कारण यह शेयर 63 फीसदी की गिरावट पर था. रिकॉर्ड डेट से पहले तक जिस किसी के पास वेदांता के शेयर मौजूद थे, उन्हें हर डीमर्जर होने वाली कंपनी के 1 के बदले एक-एक शेयर दिए जाएंगे.
इस डीमर्जर से चार नई कंपनियां बनेगीं यानी वेदांता के शेयर होल्डर्स को हर कंपनी में एक शेयर बदले एक शेयर दिए जाएंगे. चार नई कंपनियां- वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (VAML), तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL), माल्को एनर्जी लिमिटेड (MEL) और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL) शामिल हैं. इन्हें बाद में स्टॉक मार्केट में लिस्ट किया जाएगा.
गुरुवार को एनएसई पर वेदांता के शेयर 289.50 रुपये पर खुले, जो बुधवार के बंद भाव 773.60 रुपये से 62.58 प्रतिशत की गिरावट दिखाता है. कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 1.13 लाख करोड़ रुपये रहा. यह गिरावट कंपनी के अलग हुए कारोबार के मूल्य को घटाने के कारण हुई.
1 मई को होना था डीमर्जर
वेदांता ने 1 मई, 2026, शुक्रवार को रिकॉर्ड डेट तय किया था. हालांकि, शुक्रवार को बाजार अवकाश होने के कारण, शेयर 30 अप्रैल, 2025, गुरुवार को ही डीमर्ज हो गए. डीमर्जर पर लाभ लेने के लिए वेदांता के शेयर खरीदने की अंतिम तिथि 29 अप्रैल, बुधवार थी.
एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
ICICI Direct ने कहा कि डीमर्जर के बाद वेदांता के शेयर की कीमत में बदलाव आने की उम्मीद है और यह 300-325 रुपये प्रति शेयर के बीच कारोबार करेगी. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि बाकी वेदांता को अपना ज्यादातर प्राइस हिंदुस्तान जिंक में अपनी हिस्सेदारी से मिलेगा. फर्म ने यह भी कहा कि बाकी डीमर्ज की गई कंपनियों के रिकॉर्ड डेट के 1-2 महीने के भीतर लिस्ट होने की संभावना है.
नुवामा अल्टरनेटिव रिसर्च ने कहा कि सभी एक्टिव डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट 29 अप्रैल को समाप्त हो गए, और नए प्राइस तय और लॉट साइज के साथ नए कॉन्ट्रैक्ट 30 अप्रैल को सुबह 10 बजे से फिर से शुरू किए जाएंगे. नुवामा ने आगे कहा कि वेदांता निफ्टी नेक्स्ट 50 का हिस्सा बनी रहेगी, जबकि अन्य अलग हुई संस्थाएं लिस्ट होने तक डमी के तौर पर दिखाई देगीं.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क