Vedanta Demerger: पांच टुकड़ों में बंटने जा रही अनिल अग्रवाल की वेदांता, 21 लाख को मिलेंगे 5 कंपनियों के शेयर

वेदांता की कंपनी 5 अलग-अलग कंपनियों में बंटने जा रही है. इससे 21 लाख निवेशकों को लाभ होगा, क्‍योंकि उन्‍हें पांच अलग-अलग कंपनियों के शेयर अलॉट होंगे.

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वेदांता का डीमर्जर. (Photo: File/ITG) वेदांता का डीमर्जर. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST

दिग्‍गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता अब 5 टुकड़ों में बंटने जा रही है. कंपनी ने डीमर्जर का ऐलान कर दिया है. 4 अन्‍य कंपनियों को वेदांता से अलग करने की मंजूरी मिल चुकी है. इन पांचों कंपनियों का करोबार अलग-अलग होगा. 20 अप्रैल को वेदांता ने इन कंपनियों को अलग करने के लिए 1 मई 2026 डीमर्जर का रिकार्ड डेट फिक्‍स किया था. 

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इसका मतलब है कि अगर कोई भी निवेशक 29 अप्रैल 2026 तक वेदांता के शेयर खरीद लेता है तो पांच अलग-अलग कंपनियों में वेदांता के शेयर दिए जाएंगे. रिकॉर्ड डेट तक वेदांता के शेयर रहेंगे तो आपके इसके एलुमिनियम, पावर, ऑयल एंड गैस, आयरन और स्‍टील बिजनेस के भी शेयर मिल जाएंगे. इनकी चार से आठ हफ्ते में घरेलू स्‍टॉक मार्केट में एंट्री हो सकती है. 

21 लाख निवेशकों को मिलेंगे 5 कंपनियों के स्‍टॉक 
मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से वेदांता के 20.5 लाख से ज्‍यादा रिटेल स्‍टॉकहोल्‍डर्स हैं. रिटेल स्‍टॉक होल्‍डर्स यानी ऐसे निवेशक, जिन्‍होंने कंपनी में 2 लाख तक का निवेश किया हुआ है. रिकॉर्ड डेट पर जिनके पोर्टफोलियो में वेदांता के शेयर होंगे, उन्‍हें चार और कंपनियों के शेयर मिलेंगे. 

क्‍यों डीमर्जर कर रही कंपनी? 
डीमर्जर का मकसद वेदांता के कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को आसान बनाना है, ताकि निवेशक अपनी पसंद के बिजनेस वर्टिकल में निवेश कर सकें. इसके अलावा, इससे मैनेजमेंट को निवेशकों के लिए वैल्यू बढ़ाने की ज्‍यादा स्‍वतंत्रता मिलती है.  जरूरत पड़ने पर वे कोई खास एसेट बेच सकते हैं या रणनीतिक निवेशक ला सकते हैं. मैनेजमेंट का कहना है कि यह टैक्‍स के लिहास से भी सही होता है. 

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एल्‍युमिनियम का बड़ा कारोबार 
वेदांता का एल्‍युमिनियम बिजनेस कंपनी को सपोर्ट दे रहा है. वेदांता के पास देश में सबसे बड़ी एल्युमिनियम प्रोडक्शन क्षमता है, जो अभी सालाना 25 लाख टन से ज्‍यादा है और इसे 30 लाख टन तक ले जाने पर काम चल रहा है. इस तरह, कंपनी का उत्‍पादन तेजी से बढ़ रहा है. साथ ही इसने बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर भी फोकस दिया है, जहां इसकी एल्‍युमनियम क्षमता 50 टन की तरफ बढ़ रही है और कैपिटव कोल प्रोडक्‍शन भी तेजी से बढने की उम्‍मीद है. 

गौरतलब है कि सोमवार को वेदांता कंपनी के शेयर मामूली गिरावट के साथ 767.05 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए. छह महीने के दौरान इस शेयर में 62 प्रतिशत की तेजी आई है और एक साल के दौरान इस शेयर ने 87 फीसदी की उछाल दर्ज की है. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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