मार्केट कैप से लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर (Reliance Industries Share) फोकस में है, क्योंकि बीते कारोबारी दिन शुक्रवार को कंपनी ने अपने चौथी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है. इसका असर सोमवार को शेयर पर देखने को मिल सकता है.
RIL को चौथी तिमाही में प्रॉफिट में सालाना आधार पर 8.1 फीसदी की गिरावट देखनी पड़ी है, लेकिन रेवेन्यू में 13 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है. इसके साथ ही रिलायंस की ओर से शेयर होल्डर्स के लिए डिविडेंड (Reliance Dividend) का भी ऐलान किया गया है.
ऐसे रहे रिलायंस की तिमाही नतीजे
सबसे पहले नजर डालते हैं मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस के चौथी तिमाही के नतीजों (Reliance Q4 Results) के बारे में, तो कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में साल-दर-साल (YoY) आधार पर 8.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की और मुनाफे का आंकड़ा 20,616 करोड़ रुपये रहा. इससे पिछले साल की समान अवधि में ये 22,343 करोड़ रुपये रहा था. अगर तिमाही-दर-तिमाही आधार पर तुलना करें, तो Reliance Net Profit में 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
6 रुपये डिविडेंड का ऐलान
भले ही रिलायंस के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन तेल, टेलीकॉम और रिटेल सेक्टर में अपना दबदबा रखने वाली इस कंपनी ने FY2026 की चौथी तिमाही में 3,25,290 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 12.9 फीसदी ज्यादा है. जनवरी-मार्च तिमाही के लिए EBITDA पिछले वर्ष की इसी अवधि के 48,7373 करोड़ रुपये की तुलना में मामूली रूप से घटकर 48,588 करोड़ रुपये रह गया. EBITDA मार्जिन में सालाना आधार पर 200% की गिरावट आई.
RIL Q4 Results के साथ ही रिलांयस की ओर से अपने शेयरधारकों के लिए 6 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान भी किया गया है, जो इस स्टॉक की फेसवैल्यू 10 रुपये का 60 फीसदी है. स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में रिलायंस की ओर से कहा गया है कि उचित समय पर जानकारी दी जाएगी कि कंपनी की वार्षिक आम बैठक कब आयोजित होगी और किस दिन शेयरधारकों द्वारा डिविडेंड का पेमेंट किया जाएगा.
मुकेश अंबानी बोले- चुनौतियां बहुत, लेकिन...
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि हमारे व्यापक पोर्टफोलियो और घरेलू बाजार पर मजबूत पकड़ ने हमें बाहरी अस्थिरता से निपटने में मदद की है. हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान हमें भू-राजनीतिक उथल-पुथल, एनर्जी प्राइस में अस्थिरता और ग्लोबल ट्रेड के बदलते स्वरूपों का सामना करना पड़ा है. इन चुनौतियों का असर दुनिया भर के व्यवसायों पर पड़ा, लेकिन इनके बावजूद भारत और रिलायंस दोनों ने अपनी इकोनॉमिक ग्रोथ यात्रा को जारी रखा है.
रिलायंस रिटेल वेंचर्स का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.8 फीसदी बढ़ा. O2C सेगमेंट में घरेलू बाजार में बेहतर प्रोडक्ट डिस्ट्रिब्यूशन और बेहतर मूल्य के कारण राजस्व में सालाना आधार पर 5.7 फीसदी चढ़ा. हालांकि, तेल और गैस क्षेत्र में KG D6 गैस की मात्रा में कमी के कारण कंपनी को रेवेन्यू में सालाना आधार पर 5.4 फीसदी की गिरावट झेलनी पड़ी है.
नतीजों का सोमवार को दिखेगा शेयर पर असर
चौथी तिमाही के नतीजों का असर रिलायंस शेयर पर अगले सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को देखने को मिलेगा. रिजल्ट घोषित किए जाने से पहले शुक्रवार को दिनभर के कारोबार के बाद Reliance Share 0.92 फीसदी फिसलकर 1331 रुपये पर क्लोज हुआ था. नतीजों से पहले तक मुकेश अंबानी का शेयर (Mukesh Ambani Stock) अपने पीक से 15 फीसदी तक गिर चुका था.
फिलहाल, देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस का दबदबा कायम है और 18.01 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ ही ये Market Cap के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट में नंबर-1 पायदान पर बना हुआ है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क