कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, फिर डीजल बिकता 193 रुपये लीटर, जानिए सस्ता क्यों?

तेल-गैस के ग्लोबल संकट के बीच भी भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि तमाम देशों में इनका प्राइस 20-30% तक बढ़ा है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसके पीछे की वजह बताई है.

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ग्लोबल संकट के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर. ( File Photo: ITG) ग्लोबल संकट के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर. ( File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

मिडिल ईस्ट में युद्ध (Middle East War) से गहराए तेल संकट के बाद भी भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं. इसके पीछे की वजह बताते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि अगर सरकार की ओर से कदम नहीं उठाए जाते, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी-उतार चढ़ाव के चलते देश में डीजल का दाम 193 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी. बता दें कि होर्मुज टेंशन के चलते तेल-गैस की किल्लत के बीच भारत में जहां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया जा चुका है, वहीं Petrol-Diesel Price स्थिर बने हुए हैं. 

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क्यों स्थिर हैं पेट्रोल-डीजल के प्राइस? 
पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ओर से बुधवार को एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X पर) पर किए गए एक पोस्ट में साफ किया कि ऐसा सिर्फ सरकार की कोशिशों के चलते संभव हुआ है. पोस्ट में बताया गया कि फिलहाल दिल्ली पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है, जबकि मुंबई में यह क्रमशः 103.54 रुपये और 90.03 रुपये है. 

मंत्रालय का कहना है कि वर्तमान ग्लोबल हालातों के मद्देनजर अगर तेल कंपनियों को लागत ग्राहकों पर डालने की अनुमति दी जाती है, तो डीजल की कीमत 193 रुपये प्रति लीटर तक हो सकती है, जबकि पेट्रोल का दाम 119 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकता है.

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एक्स पोस्ट पर नजर डालें, तो इसमें बताया गया है कि रिटेल बिक्री मूल्य पर तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नागरिकों को बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों से बचाने का फैसला किया है. यही बड़ा कारण है कि वेस्ट एशिया क्राइसिस के चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. 

ऐसे महंगा हो जाता Petrol-Diesel
मंत्रालय का कहना है कि पिछले एक महीने में वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम कीमतों में 100% तक चढ़ी हैं. पब्लिक सेक्टर की तेल-गैस कंपनियां 1 अप्रैल 2026 को आरएसपी स्तर पर पेट्रोल पर 24.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर की कम वसूली कर रही हैं. इस हिसाब से देखें, तो अगर सरकार ने बढ़ी हुई कीमतों का बोझ खुद न उठाने के बजाय ग्राहकों पर इसका बोझ डालने की अनुमति कंपनियों को दी होती, तो फिर वास्तव में पेट्रोल और डीजल के लिए ज्यादा पेमेंट करना होगा. 

दिल्ली में पेट्रोल देखें, तो 94.77 रुपये प्रति लीटर है और इसमें 24.40 रुपये प्रति लीटर की कम वसूली को जोड़ें, तो Petrol Price 119 रुपये होता. दिल्ली में डीजल की बात करें, तो फिलहाल इसका रेट 87.67 रुपये प्रति लीटर है और इसमें 104.99 रुपये प्रति लीटर की कम वसूली को जोड़कर देखें, तो कुल मिलाकर Diesel Price 193 रुपये प्रति लीटर हो सकता है. 

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अमित शाह बोले- दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं
बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा है कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई और आपूर्ति बरकरार रखी गई है. उन्होंने कहा है कि,'मेरा मानना ​​है कि दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है जिसने इस संकट का पूरा बोझ अपने कंधों पर लिया हो.'

'दुनिया में पेट्रोल-डीजल महंगा, लेकिन'
पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि हाल ही में जो 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, वो सिर्फ प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट्स के लिए है, जिनमें XP95, Power95 और Speed ​​शामिल हैं. मंत्रालय की ओर से ये भी कहा गया है कि भारत में हर पंप पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपरिवर्तित हैं, जबकि दुनिया भर के कई देशों में कीमतों में 30-50 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है.

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