लागत बढ़ने का हवाला देकर प्रमुख डेयरी कंपनियां पिछले पांच महीने के दौरान दो बार दूध के खुदरा दाम बढ़ा (Milk Price Hike) चुकी हैं. दूध बेचने वाली प्रमुख कंपनियों अमूल (Amul) और मदर डेयरी (Mother Dairy) ने पिछले पांच महीने के दौरान दूध के दाम करीब 8 फीसदी बढ़ाए हैं. दोनों डेयरी कंपनियों के पैकेट वाले दूध के दाम इस सप्ताह फिर से बढ़ गए हैं. इसका असर दिल्ली (Delhi), मुंबई (Mumbai) समेत कई बड़े व छोटे शहरों में देखने को मिला है. हालांकि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में रहने वाले लोगों को अभी भी काफी सस्ते रेट में दूध मिल रहा है.
इतना महंगा हो गया दूध
गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान मंगलवार की शाम में किया. दूध की बढ़ी कीमतें गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल और मुंबई समेत सभी बाजारों में 17 अगस्त यानी बुधवार से लागू हो गई हैं. अमूल के दूध के दाम इस बार फिर से 02 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं. अब इन बाजारों में आधे लीटर वाले अमूल गोल्ड (Amul Gold) की कीमत बढ़कर 31 रुपये, अमूल ताजा (Amul Taza) के आधे लीटर वाले पैकेट की कीमत 25 रुपये और आधे लीटर वाले अमूल शक्ति (Amul Shakti) की कीमत 28 रुपये हो गई है.
अमूल के दाम बढ़ाने के कुछ ही देर बाद मदर डेयरी ने भी दूध के दाम में बढ़ोतरी की जानकारी दी. मदर डेयरी ने मंगलवार की देर शाम जारी एक बयान में बताया कि उसने दूध के दाम 02 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है. मदर डेयरी के दूध के बढ़े दाम भी बुधवार से ही प्रभावी हो गए हैं. अब मदर डेयरी का फूल क्रीम दूध 61 रुपये प्रति लीटर का हो गया है. इसी तरह टोन्ड मिल्क का दाम बढ़कर 51 रुपये लीटर और डबल टोन्ड का दाम बढ़कर 45 रुपये लीटर हो गया है. इनके अलावा अब काऊ मिल्क 53 रुपये लीटर में और बल्क वेंडेड मिल्क 48 रुपये लीटर में मिलेगा.
कंपनी ने बताया ये कारण
गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने बयान में कहा कि दाम में इस बढ़ोतरी का मतलब एमआरपी में 4 फीसदी की तेजी है, जो एवरेज फूड इंफ्लेशन की तुलना में कम ही है. कंपनी ने कहा कि ऑपरेशन की ओवरऑल लागत बढ़ने और दूध के उत्पादन की कीमत बढ़ने के चलते उसे दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है. कंपनी ने कहा कि पिछले साल की तुलना में अभी पशुओं के चारे की लागत करीब 20 फीसदी बढ़ चुकी है. फेडरेशन का कहना है कि उसके मेंबर यूनियंस ने किसानों के लिए दूध की कीमतें पिछले साल के दौरान 8-9 फीसदी बढ़ा दी हैं.
मार्च में भी बढ़ाए गए थे दाम
दोनों प्रमुख डेयरी कंपनियों ने इससे पहले मार्च में भी दूध के दाम बढ़ा दिए थे. अमूल ने 01 मार्च 2022 से दूध की कीमतों में 2 रुपये लीटर की बढ़ोतरी की थी. उस समय कंपनी ने महंगे ट्रांसपोर्टेशन का हवाला दिया था. कंपनी का कहना था कि महंगे पेट्रोल-डीजल की वजह से दूध के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं. वहीं मदर डेयरी ने 6 मार्च को दूध की कीमतों में 02 रुपये लीटर का इजाफा किया था. इस तरह देखें तो पिछले पांच महीने के दौरान दूध के दाम 04 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुके हैं.
इस कारण बेंगलुरु में कम हैं दाम
हालांकि बेंगलुरु की बात करें तो इस शहर में फूल क्रीम दूध अभी भी 46 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है. यानी अन्य शहरों की तुलना में यह अभी भी 15 रुपये प्रति लीटर सस्ता है. इसी तरह टोन्ड मिल्क यहां 38 रुपये लीटर मिल रहा है, जो अन्य शहरों की तुलना में 13 रुपये लीटर सस्ता है. दरअसल कर्नाटक सरकार 2008 से ही डेयरी यूनियंस को किसानों से खरीद की दर पर इन्सेंटिव दे रही है. सबसे पहले येदियुरप्पा सरकार ने इसकी शुरुआत की थी और तब इन्सेंटिव की दर 02 रुपये प्रति लीटर थी. 2013 में कांग्रेस की सरकार ने इसे बढ़ाकर 05 रुपये प्रति लीटर कर दिया था. बाद में जब येदियुरप्पा फिर से मुख्यमंत्री बने तो इन्सेंटिव को बढ़ाकर 06 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया. कर्नाटक में केएमएफ नंदिनी ब्रांड नाम से दूध बेचती है.
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