जंग के बीच, बड़ी कामयाबी... भारतीय कंपनी को मिला तेल-गैस का भंडार!

ऑयल इंडिया को ओवरसीज सेक्‍टर में बड़ी कामयाबी मिली है. कंपनी ने कहा कि उसे लीबिया में तेल और गैस से भरा भंडार मिला है, जो उसके विदेशी पोर्टफोलियो का हिस्‍सा है.

Advertisement
ऑयल इंडिया को मिला तेल-गैस का भंडार. (Photo: File/Reuters) ऑयल इंडिया को मिला तेल-गैस का भंडार. (Photo: File/Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 27 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:17 PM IST

भारत सरकार की कंपनी को विदेश में एक बड़ी कामयाबी मिली है. महारत्‍न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड को तेल और गैस का नया खजाना मिला है. कंपनी ने स्टॉक एक्‍सचेंज को यह जानकारी दी है. यह भंडार ऐसे समय में कंपनी के हाथ लगा है, जब अमेरिका ईरान के बीच तनाव के कारण दुनिया भर में एनर्जी का संकट पैदा हुआ है. 

Advertisement

जंग के बीच तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही है. अभी भी ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है और सोमवार को भी इसमें तेजी देखी गई है. तेल की कीमतों में यह तेजी 'स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रुकावट के कारण आई है. हालांकि, अभी रॉयटर्स की रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है कि ईरान ने होर्मुज खोलने पर सहमति जताई है और फिर से दोनों देशों के बीच बातचीत होने का अनुमान है.  

ऑयल इंडिया की इस प्रोजेक्‍ट में 25 फीसदी हिस्‍सेदारी
इस बीच, भारतीय कंपनी ने बताया कि उसे लीबिया के एरिया 95/96 ब्लॉक में तेल और गैस का नया भंडार मिला है. यह खोज कंपनी के ओवरसीज यानी विदेशी एक्सप्लोरेशन पोर्टफोलियो के लिए काफी खास माना जा रहा है. कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि ऑयल इंडिया की इस प्रोजेकट में 25 फीसदी हिस्‍सेदारी है. कंपनी एक भारतीय कंसोर्टियम का हिस्‍सा है, जिसमें IOCL भी शामिल है. 

Advertisement

छठवें कुएं में हुई तेल और गैस की खोज
बिजनेस स्‍टैंडर्ड के अनुसार, यह ब्‍लॉक लीबिया के साउथ-वेस्‍ट हिस्‍से में है और  घडामेस बेसिन नाम के बेहद संभावनाशील क्षेत्र में आता है. इस पूरे ब्‍लॉक का एरिया करीब 6,630 वर्ग किलोमीटर अनुमानित है. इस ब्‍लॉक का ऑपरेशन सिपेक्स नाम की कंपनी कर रही है. यहां कुल 8 एक्सप्लोरेटरी कुएं खोदने की योजना है. इनमें से अब तक 5 कुओं की ड्रिलिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी, जिनमें 2012 से 2014 के बीच 4 कुओं में तेल और गैस की खोज हुई थी. फिर से काम शुरू होने पर छठे कुएं ए1-96/02 की ड्रिलिंग की गई, जिसमें नई गैस और ऑयल गैस की खोल हुई है. 

खोज के बाद आगे क्‍या होगा? 
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने यह भी बताया कि लीबिया की नेशनल ऑयल कॉरपोरेशन यानी एनओसी ने इस कुएं को ब्लॉक की पांचवीं खोज के रूप में औपचारिक मान्यता दे दी है. इससे यह स्‍पष्‍ट होता है कि इस इलाके में हाइड्रोकार्बन की मजबूत संभावनाएं हैं. अब इस खोज की विस्‍तार से आकलन किया जाएगा. इसके बाद इसके क्षमता का पता लगाया जाएगा, जिसके बाद इस खोज को डेवलपमें स्‍टेप में आगे बढ़ाया जा सकेगा. 

क्यों खास है ये खोज? 
इस खोज से ऑयल इंडिया कंपनी की विदेशी संपत्तियों की वैल्‍यू बढ़ सकती है. दूसरी बात, भविष्‍य में उत्‍पादन शुरू होने पर कंपनी की आमदनी के नए रास्‍ते खुल सकते हैं. साथ ही कंपनी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशी स्‍तर पर भी अपनी मजबूत पकड़ बना रही है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement