पेट्रोल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने टैक्स रिकॉर्ड और एनर्जी डेटाबेस के बीच एक नया ऐलान किया है. वह एलपीजी सब्सिडी को लेकर एक अभियान को तेज कर दिया है. इस अभियान के तहत तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMC), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने उन उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है, जिनकी घरेलू आय सरकार द्वारा तय सीमा से अधिक है.
तेल मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तेल और गैस कंपनियां अब एलपीजी ग्राहकों के डेटाबेस का आयकर विभाग के रिकॉर्ड से सीधा मिलान कर रही हैं. इस वेरीफिकेशन से उन मामलों की पहचान होती है, जहां यूजर्स या उससे संबंधित परिवार के किसी सदस्य, जैसे कि पति और पत्नी, की कुल टैक्सेबल इनकम पिछले वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख की सीमा से अधिक हो गई हो.
किसकी बंद होगी सब्सिडी?
इसका मतलब है कि अगर किसी फैमिली की टैक्सेबल इनकम 10 लाख रुपये से ज्यादा है तो उसे एलपीजी सब्सिडी नहीं दी जाएगी और 7 दिनों के भीतर एलपीजी सब्सिडी बंद कर दी जाएगी. इससे बचने के लिए तुरंत आपको कार्यवाही करनी होगी.
डेटा को मैच करके तेल कंपनियां ऐसे लोगों को मैसेज अलर्ट भेज रही हैं. लोगों को भेजे जा रहे संदेश में लिखा है कि उपलब्ध आयकर रिकॉर्ड के अनुसार, आपकी (या आपके किसी संबंधित परिवार के सदस्य की) कुल टैक्सेबल इनकम 10 लाख रुपये की तय सीमा से अधिक है. अगर तय अवधि के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता है, तो एलपीजी सब्सिडी बंद की जा सकती है.
क्या करना होगा?
सब्सिडी के स्वतः निष्क्रिय होने से बचने के लिए, व्यक्ति के पास संदेश प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर कार्रवाई करने का समय होगा. अगर आपकी टैसेबल इनकम कम है तो राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-2333-555 पर संपर्क करना चाहिए या अपने संबंधित कंपनियों के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए.
अगर एक सप्ताह के भीतर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं की जाती है, तो PAHAL (DBTL) योजना के तहत आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे जमा की जाने वाली सब्सिडी स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी.
आजतक बिजनेस डेस्क