भारत और यूरोपीय संघ के बीच बड़ा मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA) हो रहा है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताया है. मंगलवार को पीएम मोदी ने कहा कि भारत-ईयू की बीच समझौते पर साइन हो गए हैं और इससे भारतीय और यूरोपीय दोनों के लिए बड़े अवसर खुलेंगे. बता दें कि दोनों के बीच बड़े कारोबारी रिश्ते हैं और बीते वित्त वर्ष आयात-निर्यात 136 अरब डॉलर से ज्यादा का रहा था.
'ग्लोबल GDP का 25% हिस्सा...'
भारत आने से पहले से ही यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) इसे सबसे बड़ी डील करार दे रही थीं और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारत और ईयू एफटीए को 'Mother Of All Deals' कहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि इससे भारतीय और यूरोपीय लोगों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डील को लेकर ये बयान ऐसे समय में आया है, जबकि दोनों आज होने वाले यूरोपीय संघ-भारत शिखर सम्मेलन में इस व्यापक मुक्त व्यापार समझौते का औपचारिक ऐलान करने वाले हैं.
PM Modi ने आगे कहा कि,'भारत-ईयू के बीच ये डील दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की साझेदारी का एक आदर्श उदाहरण है. यह समझौता वैश्विक जीडीपी (Global GDP) का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा कवर करता है.' उन्होने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते से मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा
India-EU मुक्त व्यापार समझौते को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, 'ये भारत में निवेश करने के लिए हर निवेशक और व्यवसायी के आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करेगा. मैं इसके लिए देश की जनता को बधाई देता हूं.' बता दें कि इससे पहले कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने भी कहा था कि समझौते को लेकर बातचीत पूरी हो चुकी है और ये फाइनल भी हो गया है. उन्होंने बताया था कि यह अगले साल की शुरुआत में लागू हो सकता है.
गौरतलब है कि इस India-EU FTA के तहत कपड़ा, केमिकल, जेम्स एंड ज्वेलरी, इलेक्ट्रिक मशीनरी, चमड़ा और जूते जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में भारतीय निर्यात को टैरिफ फ्री पहुंच मिल सकती है.
भारत-EU क्या-क्या खरीदते-बेचते हैं?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच कई जरूरी चीजों का भारी मात्रा में आयात-निर्यात (Export-Import) होता है. एक ओर जहां भारत में यूरोपीय यूनियन से आने वाले सामानों की लिस्ट में हाई कैटेगरी मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, विमान, मेडिकल उपकरण और साइंटिफिक उपकरण सबसे ऊपर रहते हैं. तो वहीं भारत से ईयू को भेजे जाने वाले सामानों में सबसे आगे रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्टफोन, कपड़े, मशीनरी और कंप्यूटर, लोहा-इस्पात, फार्मा प्रोडक्ट्स और जेम्स एंड ज्वेलरी शामिल हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क