पिछले कुछ दिनों से कॉपर स्टॉक में शानदार तेजी के बाद शुक्रवार इस शेयर में तगड़ी गिरावट आई है. मुनाफावसूली के चलते हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयरों में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि लंदन मेटल एक्सचेंज पर तीन महीने के तांबे की कीमत 11 प्रतिशत बढ़कर 14,527.50 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई. हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट देखने को मिली.
Hindustan Copper के शेयर 10.53 प्रतिशत तक गिरकर 679.20 रुपये पर आ गए, जिससे इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 70,000 करोड़ रुपये से नीचे आ गया. गुरुवार को शेयर 759.20 रुपये पर बंद हुआ था, जिसने 20 प्रतिशत का अपर सर्किट टच किया था. पिछले एक सप्ताह में इसमें लगभग 45 प्रतिशत की तेजी आई है.
1 महीने में 40 फीसदी चढ़ा ये शेयर
इस गिरावट से पहले हिंदुस्तान के शेयरों में गुरुवार को 759.20 रुपये के अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से लगभग 315 प्रतिशत की तेजी आई थी, जबकि 10 महीने पहले इसका स्तर 183.90 रुपये था. पिछले छह महीनों में इस शेयर ने निवेशकों की संपत्ति को तीन गुना कर दिया है, जबकि पिछले एक महीने में इसमें लगभग 40 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है.
हिंदुस्तान कॉपर ने कहा कि उसके डायरेक्टर बोर्ड की बैठक 5 फरवरी, 2026 को होगी, जिसमें अन्य बातों के अलावा, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त अवधि के लिए कंपनी के अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों पर विचार किया जाएगा. कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में आगे कहा कि बोर्ड वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान कर सकती है.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रांति बाथिनी ने कहा कि हिंदुस्तान कॉपर पिछले कुछ महीनों में शानदार प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा है, जिसने निवेशकों को कई गुना रिटर्न दिया है. उन्होंने कहा कि इस नजरिए के साथ ग्लोबल स्तर पर धातुओं में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए कुछ मुनाफावसूली की संभावना है.
बाथिनी ने आगे कहा कि लॉन्गटर्म नजरिए वाले निवेशक इस शेयरको अपने पास रख सकते हैं, लेकिन लाभ की रक्षा स्टॉप लॉस को नियमित तौर से तय करना चाहिए. शॉर्टटर्म में निवेशक कुछ मुनाफा बुक कर सकते हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में धातुओं की कीमते अस्थिर रह सकती हैं. हिंदुस्तान कॉपर ने चार्ट पर 16 साल का ब्रेकआउट दिया है. इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के अनुसंधान और व्यापार विकास उपाध्यक्ष महेश एम ओझा ने कहा कि नए सिरे से निवेश करना उचित नहीं है.
(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज फर्म के अपने विचार हैं. aajtak.in इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है. किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क