वेंटिलेटर, कंसंट्रेटर वगैरह पर GST कटौती से जनता को ज्यादा फायदा नहीं, मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री का दावा

जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को कोविड-19 के इलाज से जुड़ी कई सारी वस्तुओं पर GST की दर कम कर दी है. लेकिन मेडिकल डिवाइस बनाने वाले घरेलू उद्योग का कहना है कि इससे आम जनता को बहुत ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा. उल्टा सरकार का ये कदम घरेलू  मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के खिलाफ है.

Advertisement
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स (Photo : PTI) ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स (Photo : PTI)

स्नेहा मोरदानी

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2021,
  • अपडेटेड 12:10 AM IST
  • ‘जीएसटी रेट कट से 7% सस्ता होगा आयात’
  • ‘40 मेडिकल डिवाइस पर कम हो जीएसटी दर’
  • ‘घरेलू मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री को नुकसान’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, ऑक्सीमीटर और वेंटिलेटर समेत कोरोना के इलाज में काम आने वाले तमाम मेडिकल उपकरण और अन्य राहत सामग्री पर जीएसटी दर कम करने पर मुहर लगा दी. लेकिन इस बारे में घरेलू मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री का कहना है कि सरकार के इस कदम से कीमतों पर बहुत मामूली फर्क पड़ेगा और आम जनता को बहुत ज्यादा लाभ नहीं होगा..

Advertisement

घरेलू मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ मेडिकल डिवाइसेस इंडस्ट्री’ (AiMeD) का कहना है कि मैन्युफैक्चर्स अपने इनपुट पर जीएसटी क्रेडिट का लाभ नहीं उठा सकते हैं. इसके अलावा उनका पूंजीगत व्यय भी होता है. जिससे उनकी लागत बढ़ जाती है. ऐसे में सरकार के जीएसटी कम करने से वेंटिलेटर, बाईपैपे और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर इत्यादि ऑक्सीजन थेरेपी डिवाइस पर बहुत मामूली असर पड़ेगा. ऊपर से सरकार का ये कदम आयात को बढ़ाने वाला एवं घरेलू उद्योग के खिलाफ है.

7% तक सस्ता होगा आयात
AiMeD के कोर्डिनेटर राजीव नाथ का कहना है कि कोविड-19 से जुड़ी वस्तुओं पर जीएसटी दर कम किए जाने का मुख्य फायदा आयातकों को होगा, क्योंकि इससे आयात की लागत 7% तक कम होगी. हालांकि इसका असर MRP पर दिखेगा या नहीं, ये अभी कहा नहीं जा सकता. ऐसे में जब आयात सस्ता होगा तो घरेलू विनिर्माताओं की वस्तुएं कीमतों को लेकर प्रतिस्पर्धी नहीं रहेंगी. उन्होंने कहा कि इसी तरह घरेलू स्तर पर बनी कोविड टेस्ट किट और ऑक्सीमीटर को भी इस कर कटौती से कोई लाभ नहीं होगा. 

Advertisement

सैनेटाइजर, थर्मामीटर पर कर कटौती का लाभ
नाथ का कहना है कि हैंड सैनेटाइजर और थर्मामीटर जैसे उत्पादों पर जीएसटी की दर 18% से घटाकर 5% किए जाने का ग्राहकों को सीधा फायदा होगा. ये उनकी जेब को थोड़ी राहत देगा. उन्होंने कहा कि इनके अलावा लैबोरेटरी इंस्ट्रूमेंट, एक्स-रे मशीन जैसे 40 और मेडिकल डिवाइस हैं जिन पर जीएसटी की दर 18% है और इसे कम करके 12% किया जाना चाहिए. ये स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अनिवार्य वस्तुएं हैं ना कि कोई लक्जरी आइटम.

जीएसटी काउंसिल ने घटाई कर की दर
जीएसटी काउंसिल ने कोरोना से जुड़ी अन्य राहत सामग्रियों पर भी कर की दर कम की है. मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, बाइपैप मशीन, हाई फ्लो नेसल कैनुला (HFNC) और कोविड टेस्टिंग किट अब सस्ती हो जाएंगी. काउंसिल ने इन पर टैक्स की दर 12% से घटाकर 5% कर दी है. इसके अलावा Amphotericin B और Tocilizumab दवा पर जीएसटी की दर शून्य कर दी है. साथ ही कई और वस्तुओं पर भी कर की दर कम की गई है.

ये भी पढ़ें:

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement