शुक्रवार का दिन सोना-चांदी निवेशकों के लिए सबसे खराब दिन रहा, क्योंकि पिछले 24 घंटे में ही चांदी का भाव 93,000 रुपये टूट गया. वहीं सोने के भाव में भी भारी गिरावट देखने को मिला. ऐसे में सवाल उठ रहें हैं कि क्या अब सोने और चांदी की रैली खत्म हो चुकी है और गोल्ड-सिल्वर खरीदारों को क्या करना चाहिए?
मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर शुक्रवार शाम 7 बजे मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी का भाव 72,000 रुपये गिरकर 3.27 लाख रुपये पर आ गया. वहीं इसका रिकॉर्ड हाई लेवल 4.20 लाख रुपये है. ऐसे में रिकॉर्ड हाई से चांदी के भाव में 93,000 रुपये की गिरावट आई.
इसी तरह, गोल्ड की बात करें तो एमसीएक्स पर शुक्रवार शाम 7 बजे अप्रैल वायदा के लिए 10 ग्राम सोने का भाव 16,263 रुपये टूटकर करीब 1.68 लाख पर आ गया. वहीं इसका रिकॉर्ड हाई लेवल 1.93 लाख रुपये है. ऐसे में रिकॉर्ड हाई से सोने के भाव में 25,000 रुपये की गिरावट आई है.
29 जनवरी को ऑल टाइम हाई पर थे गोल्ड-सिल्वर
शुक्रवार को भले ही सोने और चांदी के भाव में रिकॉर्डतोड़ गिरावट आई थी, लेकिन गरुवार को इन कीमती धातुओं ने कमोडिटी मार्केट में ऑल टाइम हाई लगाया था. गुरुवार, 29 जनवरी को चांदी 30 हजार रुपये से ज्यादा चढ़कर 4.20 लाख रुपये के पार पहुंच गई थी. वहीं सोने का भाव 16000 रुपये चढ़कर 1.93 लाख रुपये के पार पहुंच गया था.
क्यों आई इन धातुओं में इतनी भारी गिरावट?
सोने और चांदी के भाव में गिरावट की खास वजह डोनाल्ड ट्रंप के बयान को माना जा रहा है . दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व बैंक के जेरोम पॉवेल की जगह अपने पसंदीदा शख्स फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर केविन वार्श को रखने का विचार शेयर किया, क्योंकि मई में जेरोम पॉवेल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इस बयान के बाद डॉलर में मजबूती देखी गई और इंटरनेशनल स्तर पर सोने-चांदी का भाव तेजी से गिरा.
सोने-चांदी में गिरावट का एक अन्य मुख्य कारण मुनाफावसूली रही. लगातार रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद सोने और चांदी में प्रॉफिट बुकिंग हुई. गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ भी तेजी से गिरे. इन ईटीएफ में करीब 20 फीसदी तक की गिरावट आई. इसके अलावा, गोल्ड-सिल्वर एफ एंड ओ में शॉर्ट सेलिंग भी हावी हुआ, जिससे ये गिरावट और भी बढ़ गई.
अब क्या करें निवेशक?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि डॉलर में मजबूती और जियो-पालिटिकल तनाव में कुछ कमी देखने को मिली है, जिस कारण सोने-चांदी के भाव में कमी आई है. वहीं पिछले कुछ समय से सोने और चांदी के भाव बेतहासा बढ़े हैं. ऐसे में अगर आपके पास सोना और चांदी के ईटीएफ या कुछ अन्य असेट है, जिसे आपने सस्ते दामों पर खरीदा है तो आप भी कुछ प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं. लेकिन अगर आप सोने और चांदी में नए निवेशक के तौर पर एंटर हो रहे हैं तो अभी सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि इसमें और गिरावट आ सकती है.
वहीं कुछ एक्सपर्ट्स यह भी सुझाव दे रहे हैं कि अगर सोने-चांदी में ज्यादा निवेश है तो अभी आपको थोड़ा प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं और बाकी निवेश को लॉन्गटर्म नजरिए के साथ होल्ड रख सकते हैं.
(नोट- सोना-चांदी या इनके ईटीएफ में निवेश से पहले अपने योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क