भारत में सोने पर टैक्स छूट को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (SGB) के तहत सेकेंड्री मार्केट से सोना खरीदने पर नियम बदल रहा है. मैच्योरिटी पूरा होने के बाद SGB के तहत सेकेंड्री मार्केट में सोने की खरीद और बिक्री करने वालों को अभी तक कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होता था, लेकिन अब इसे समाप्त कर दिया गया है.
इसका मतलब साफ है कि अगर कोई 1 अप्रैल से सेकेंड्री मार्केट में मैच्योरिटी पूरा होने के बाद SGB की लेनदेन करता है तो उसे कैपिटल गेन टैक्स देना होगा. इस नियम को इस बार के बजट में बदला गया है. सीए ने भी इस नियम को एक्सप् लेन किया है.
सीए नितिन कौशिक का कहना है कि अप्रैल 2026 से टैक्स फ्री केवल उन निवेशकों पर लागू होगा, जिन्होंने प्राथमिक इश्यू में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के माध्यम से सीधे SGB की सदस्यता ली थी और उन्हें परिपक्वता तक अपने पास रखा था. कौशिक ने कहा कि अगर आपने शुरुआती निर्गम के दौरान सीधे आरबीआई से बॉन्ड नहीं खरीदा था, तो परिपक्वता पर सरकार आपके प्राइस लाभ पर टैक्स लगाएगी. उन्होंने आगे कहा कि इस बदलाव से प्रभावी रूप से दो प्रकार के निवेशक बन जाते हैं.
किसे क्या मिलेगा लाभ?
सीधे RBI से SGB खरीदने वालों को 2.5% सालाना ब्याज दर और मैच्योरिटी पर टैक्स फ्री कैपिटल गेन का लाभ मिलेगा.
सेकेंड्री मार्केट से SGB खरीदार
2.5% वार्षिक ब्याज दर दिया जाएगा, लेकिन मैच्योरिटी पर लॉन्गटर्म कैपिटल गेन टैक्स भरना होगा. कौशिक ने चेतावनी दी कि एक बार जब बॉन्ड स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से या उपहार के रूप में भी हाथ बदलता है, तो वह कर लाभ समाप्त हो जाता है.
कैलकुलेशन भी बदल जाएगा
एक्सचेंज से रियायती दरों पर एसजीबी खरीदने और टैक्स फ्री परिपक्वता लाभ के लिए उन्हें अपने पास रखने की रणनीति अब कमजोर पड़ गई है. इसके प्रभाव को समझाते हुए कौशिक ने कहा कि अगर आपने एक्सचेंज से ₹7,000 में एक एसजीबी खरीदा और वह ₹11,000 में परिपक्व होता है, तो ₹4,000 का लाभ टैक्स योग्य हो जाता है. 12.5% की लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन रेट लगेगा.
इसका मतलब प्रति बॉन्ड ₹500 का टैक्स होगा. पहले यह लाभ लोगों के पास ही रहता था, लेकिन अब टैक्स देना होगा. उन्होंने लिखा कि यह बदलाव सेकेंड्री मार्केट से रियायती एसजीबी खरीदकर कर-मुक्त परिपक्वता लाभ अर्जित करने की रणनीति को खत्म कर देता है.
आजतक बिजनेस डेस्क