आज बिखर गए डाटा पैटर्न्‍स, GRSE, BDL, मझगांव डॉक समेत ये 9 शेयर, अचानक क्‍यों आई बड़ी गिरावट

शेयर बाजार में मंगलवार को भारी दबाव दिखाई दे रहा है, जिस कारण बड़े-बड़े स्‍टॉक में बड़ी गिरावट आई है. खासकर डिफेंस सेक्‍टर के शेयर तेजी से टूटे हैं.

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डिफेंस शेयरों में आई बड़ी गिरावट. (Photo: File/ITG) डिफेंस शेयरों में आई बड़ी गिरावट. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 20 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:33 PM IST

केंद्रीय बजट 2026 से पहले निवेशकों की सतर्कता के बीच डिफेंस सेक्टर्स की कंपनियों के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है. मंगलवार को इंट्राडे के दौरान Data Patterns, GRSE, BDL, Mazagon Dock, BEL, HAL के शेयर करीब 8 फीसदी तक टूट गए. आइए जानते हैं इन शेयरों में अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्‍यों आई? 

दोपहर 12.32 बजे, Data Patterns (इंडिया) लिमिटेड का शेयर 7.8 प्रतिशत गिरकर 2,291.65 रुपये पर आ गया. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) का शेयर 2.94 प्रतिशत गिरकर 2,309.30 रुपये पर, मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड का शेयर 2.86 प्रतिशत गिरकर 2,367.65 रुपये पर और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड का शेयर 2.43 प्रतिशत गिरकर 1,469.95 रुपये पर आ गया. 

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इसके अलावा, पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का शेयर 3.06 प्रतिशत गिरकर 635.20 रुपये पर था. HAL का शेयर 1.67 प्रतिशत गिरकर 4,428.50 रुपये पर आ गया. भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (DL) का शेयर 2.26 प्रतिशत गिरकर 1,472.20 रुपये पर आ गया. BEL का शेयर 0.21 प्रतिशत गिरकर 412 रुपये पर पहुंच गया.Zen टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का शेयर 3.17 प्रतिशत गिरकर 1,289.25 रुपये पर आ गया. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में दबाव और निवेशकों के सतर्कता के कारण शेयर बाजार में गिरावट आ रही है. 

लॉन्‍गटर्म में अच्‍छे ग्रोथ की उम्‍मीद
नोमुरा का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 के बजट में डिफेंस सेक्‍टर के लिए हाई सिंगल से 20 फीसदी तक की ग्रोथ की उम्‍मीद है. उसका मानना ​​है कि घरेलू खरीद, आधुनिकीकरण और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए ज्‍यादा कैपिटल एक्‍सपेंडेचर किया जाएगा. वित्त मंत्रालय ने कहा कि उसे उम्मीद है कि आगामी बजट में उन उभरते प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जो लॉन्‍गटर्म डेवलपमेंट और रणनीतिक मजबूती को बढ़ावा दे सकते हैं.

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इसमें अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कैपिटल एक्‍सपेंडेच 12.4 लाख करोड़ रुपये रहेगा, जो 10.3 फीसदी की तेजी है. इसमें से डिफेंस खर्च में वित्त वर्ष 2026 में अनुमानित 1.8  लाख करोड़ रुपये के खर्च की तुलना में 15 फीसदी की ग्रोथ होने की उम्‍मीद है. 

79,000 करोड़ के प्रस्‍तावों को मंजूरी
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने अपने शीतकालीन सत्र में 79,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिससे वित्त वर्ष 2026 में स्वीकृत राशि 33 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. वित्त वर्ष 2026 में 40,000 करोड़ रुपये की एकमुश्त आपातकालीन खरीद भी शामिल है.यूबीएस के विश्लेषकों को उम्मीद है कि पिछले दो वर्षों में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) द्वारा दी गई मजबूत स्वीकृतियों के अनुरूप बजट में रक्षा व्यय में वृद्धि होगी. 

फिच सॉल्यूशंस की एक यूनिट्स, बीएमआई ने कहा कि भारत के बाहरी वातावरण के कारण खर्च की नई आवश्यकताएं पैदा हो रही हैं. BMI ने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में भारत पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना और पाकिस्तान के साथ सशस्त्र संघर्ष में शामिल रहा है. साथ ही, केंद्रीय सरकारी व्यय में रक्षा खर्च का हिस्सा स्थिर बना हुआ है, जो 2018-2020 के दौरान काफी कम हो गया था. 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के रक्षा खर्च के बढ़े हुए स्तर और पाकिस्तान द्वारा हाल ही में अपने रक्षा बजट को बढ़ाने के फैसले का मतलब है कि नई दिल्ली को वित्त वर्ष 2026/27 में सुरक्षा पर अधिक खर्च करने पर विचार करना चाहिए. 

 (नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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