Inflation Rate: डबल झटका... खुदरा महंगाई 9 महीने में सबसे ज्यादा, थोक ने भी बिगाड़ा खेल!

एनएसओ के डेटा के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों की महंगाई सितंबर महीने में उछलकर 9.24 फीसदी हो गई, जो इससे पिछले महीने यानी अगस्त में 5.66 फीसदी और एक साल पहले इसी महीने में 6.62 फीसदी थी.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 8:15 PM IST

महंगाई के मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है. थोक महंगाई दर के बाद खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. नेशनल स्टे्टिकल ऑफिस (NSO) की ओर से सोमवार को जारी डेटा के मुताबिक, खाने-पीने की चीजें महंगी होने से खुदरा महंगाई दर सितंबर महीने में बढ़कर 5.49 फीसदी पर पहुंच गई.

दरअसल, सितंबर में खुदरा महंगाई 9 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. इस उछाल के साथ ही सितंबर में खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के टोलरेंस बैंड 4 फीसदी के पार जा पहुंची है. जुलाई के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब महंगाई दर RBI के 4% के लक्ष्य से ज्‍यादा है. 

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खाने-पीने की चीजों के दाम तेजी से बढ़े
इससे पिछले महीने यानी अगस्त में खुदरा महंगाई दर 3.65 फीसदी पर थी. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स बेस्ड महंगाई बीते वर्ष के सितंबर महीने में 5.02 फीसदी थी. एनएसओ के डेटा के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों की महंगाई सितंबर महीने में उछलकर 9.24 फीसदी हो गई, जो इससे पिछले महीने यानी अगस्त में 5.66 फीसदी और एक साल पहले इसी महीने में 6.62 फीसदी थी.

ग्रामीण इलाकों में महंगाई का करंट

ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर अगस्त में 4.16% के मुकाबले सितंबर में बढ़कर 5.87% हो गई. वहीं, शहरी इलाकों में यह दर अगस्त में 3.14% से बढ़कर सितंबर में 5.05% हो गई. 

सितंबर में सब्जियों के दाम एक साल पहले की तुलना में 36 फीसदी बढ़े हैं. दालों और उनके उत्पादों के दाम भी 9.81 प्रतिशत बढ़े. इस दौरान, फल 7.65 प्रतिशत और अनाज 6.84 फीसदी महंगे हुए. अंडों के दाम भी 6.31 फीसदी बढ़े.  हालांकि, मसालों में 6.13 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. 

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इसके अलावा सितंबर में स्वास्थ्य सेवाएं भी 4.09 फीसदी महंगी हो गईं. हालांकि, ईंधन एवं बिजली वर्ग की महंगाई दर शून्य से 1.39 प्रतिशत कम रही. ब्यूटी और कॉस्मेटिक की महंगाई दर नौ फीसदी रही. कपड़ा, जूता की महंगाई 2.72 फीसदी से घटकर 2.71 फीसदी (MoM) है. हाउसिंग महंगाई दर 2.66 फीसदी से बढ़कर 2.78 फीसदी (MoM) है. 


गौरतलब है कि बीते कुछ समय में भारत में खाने-पीने खासकर सब्जियों और दूसरी जल्दी खराब होने वाली चीजों की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भारी बारिश के कारण जरूरी फसलों की पैदावार कम हुई है.

आरबीआई ने 4.5% पर बरकरार रखा था अनुमान
बीते हफ्ते मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में RBI ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खुदरा महंगाई दर के अनुमान को 4.5% पर बरकरार रखा था. RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने जोर देकर कहा था कि केंद्रीय बैंक को महंगाई पर कड़ी नजर रखनी होगी. 

सितंबर में थोक महंगाई दर में भी इजाफा 
खाने-पीने की चीजों, खासकर सब्जियों के महंगे होने से थोक महंगाई सितंबर महीने में बढ़कर 1.84 फीसदी हो गई. इस साल अगस्त में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) बेस्ड महंगाई 1.31 फीसदी थी. पिछले साल सितंबर में यह (-)0.07 फीसदी रही थी. फूड आइटम्स की थोक महंगाई सितंबर में बढ़कर 11.53 फीसदी हो गई, जबकि अगस्त में यह 3.11 फीसदी थी.

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