Airlines Seat Allocation: एयरलाइंस का विरोध, सरकार की दो टूक, कहा- नहीं बदलेगा ये आदेश

सरकार के उड़ानों में 60 फीसदी फ्री सीट आवंटन के आदेश का जहां एयरलाइन कंपनियां विरोध कर रही हैं, तो वहीं Civil Aviation Ministry ने साफ किया है कि तय किए गए नियमों कोई बदलाव नहीं होगा.

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फ्री सीट आवंटन को लेकर सरकार ने दिया है निर्देश. (Photo: AirIndia.Com) फ्री सीट आवंटन को लेकर सरकार ने दिया है निर्देश. (Photo: AirIndia.Com)

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

हवाई यात्रा को यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से एविएशन मिनिस्ट्री ने एक निर्देश जारी किया है, जिसमें देश की एयरलाइंस को प्रत्येक उड़ान में कम से कम 60% सीटें मुफ्त में आवंटित करना जरूरी है. इस आदेश का एयरलाइन कंपनियों की ओर से जोरदार विरोध किया गया, लेकिन अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार का रुख साफ है और ये आदेश लागू रहेगा.  

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'तय नियम में No Change'
इंडिया टुडे के सूत्रों ने बताया है कि एयरलाइंस के विरोध के बावजूद उड़ानों में 60% मुफ्त सीट आवंटन का आदेश लागू रहेगा. यह आदेश सरकार द्वारा सभी विमानों में अनिवार्य रूप से ये नियम तय किए जाने के पिछले निर्देश के बाद आया है. उन्होंने कहा कि इस नियम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. 

एयरलाइंस की चिंताओं पर विचार किया जाएगा, लेकिन यात्रियों के हित में उठाए गए इस कदम को वापस लेने का सवाल ही नहीं है. मंत्रालय की ओर से साफ किया गया कि ये फ्री सीट आवंटन से जुड़े इस फैसले का उद्देश्य आम यात्रियों के लिए हवाई यात्रा को सुविधाजनक और किफायती बनाना है.

लापरवाही की, तो होगा एक्शन
एविएशन मिनिस्ट्री की ओर से ये आदेश फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) द्वारा सरकार के मुफ्त सीट आवंटन की घोषणा का विरोध करने के बाद सामने आया है. विमानन नियामक DGCA ने अपने सर्कुलर में कहा है कि अगर निर्धारित एयरलाइंस द्वारा तय किए गए नियमों में किसी भी तरह का उल्लंघन किया जाता है, तो डीजीसीए को मामले में एंट्री करेगा और एक्शन होगा.

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सरकारी आदेश में क्या-क्या? 
बात करें, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने निर्देश के बारे में, तो इसके तहत भारत में एयरलाइन कंपनियों को प्रत्येक उड़ान में कम से कम 60 फीसदी सीटें फ्री आवंटित करनी होंगी. यानी यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अधिकांश सीटों का चयन करने की छूट होगी. इससे पहले कई एयरलाइंस बुकिंग या वेब चेक-इन के दौरान पसंदीदा सीटों के लिए एक्स्ट्रा चार्ज लगाती थीं.

इस आदेश में एयरलाइंस को यह भी कहा गया है कि जहां तक ​​संभव हो, एक ही बुकिंग रेफरेंस (PNR) वाले यात्रियों को एक साथ बैठाया जाए. इसके अलावा एयरलाइंस को देरी, कैंसिलेशन और बोर्डिंग से इनकार किए जाने से संबंधित यात्री अधिकार नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.

इसमें यह भी कहा गया है कि एयरलाइंस को अपनी वेबसाइटों, मोबाइल ऐप्स, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट काउंटरों पर यात्रियों के अधिकारों को प्रमुखता से प्रदर्शित करना जरूरी होगा.  

20 अप्रैल से लागू होगा नियम
एविएशन मिनिस्ट्री के साथ ही DGCA ने भी ये नियम लागू करने का आदेश जारी कर दिया है. हवाई यात्रियों के हित में उठाया गया यह कदम 20 अप्रैल से प्रभावी होगा. नए नियमों अन्य खास बातों पर गौर करें, तो 12 साल से कम उम्र के बच्चों को उसी विमान में यात्रा कर रहे उनके माता-पिता में से किसी एक के साथ ही सीट आवंटित की जाएगी. जो उसी PNR पर यात्रा कर रहे हों और इसका रिकॉर्ड रखा जाए.

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