यूनियन बजट 2017, आने से पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि आईआईटी और आईआईएम जैसे शीर्ष संस्थानों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवेलपमेंट और शिक्षा पर खर्च को लेकर बड़े ऐलान हो सकते हैं. पर IIT को इसमें निराशा हासिल हुई है.
बजट में एक ओर जहां अरुण जेटली ने स्कूलों को बेहतर बनाने और सर्व शिक्षा अभियान पर खर्च बढ़ा दिया है. वहीं IIT और IISER को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है.
बजट में आईआईटी और आईआईएसईआर जैसे शीर्ष संस्थानों के लिए अतिरिक्त धन राशि और नेशनल रिसर्च फाउंडेशन व विश्वजीत जैसी परियोजनाओं के लिए अधिक आबंटन पर मानव संसाधन मंत्रालय की शिफारिशों पर कोई बात नहीं की गई.
शिक्षा क्षेत्र को 10 फीसदी ज्यादा बजट
वित्त मंत्री ने एजुकेशन सेक्टर के लिए आबंटित कुल राशि को 10 फीसदी बढ़ाते हुए साल 2017-18 के लिए 79,685 करोड़ कर दिया है. स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता और रिफॉर्म को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया है.
सर्व शिक्षा अभियान को मिली बड़ी राशि
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूली शिक्षा के लिए 46,356 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की है. जबकि उच्च शिक्षा के लिए 33,329 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं.
शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े जिलों के लिए
शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े 3,479 जिलों को सेकेंडरी एजुकेशन के लिए इनोवेशन फंड दिया जाएगा.
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