बजट (Budget 20260 पेश होने में अब चंद दिन बचे हैं, बजट से हर वर्ग को छूट की उम्मीद रहती है. पिछले बजट में सरकार ने आयकर छूट की सीमा 12 लाख रुपये तक बढ़ाकर सबको चौंका दिया था. अब कहा जा रहा है कि सरकार इस बजट में जॉइंट टैक्सेशन (Joint Taxation) की सुविधा पर विचार कर सकती है.
सबसे पहले आपको बताते हैं कि ये जॉइंट टैक्सेशन (Joint Taxation) की व्यवस्था है क्या? मुख्यतौर पर यह शादीशुदा यानी विवाहित को आयकर में छूट के लिए अलग से प्रावधान होता है. अगर सरकार बजट में इसपर फैसला लेती है तो यह भारत की टैक्स प्रणाली में दशकों का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा.
दरअसल, फिलहाल भारत में टैक्स व्यवस्था व्यक्ति आधारित है, न कि परिवार आधारित. यानी पति-पत्नी दोनों अलग-अलग PAN से अलग-अलग स्लैब में आयकर रिटर्न भरते हैं और टैक्स देते हैं. यानी एक परिवार के तौर पर टैक्स में कोई सीधा फायदा नहीं मिलता है.
शादीशुदा को बजट में मिलेगा तोहफा?
जानकार बताते हैं कि इसमें बदलाव यानी राहत की जरूरत है. क्योंकि मौजूदा सिस्टम की सबसे बड़ी खामी यह है कि अगर परिवार में एक ही व्यक्ति कमाता है, तो दूसरे जीवनसाथी पति या पत्नी की बेसिक टैक्स छूट बेकार चली जाती है. नतीजा यह होता है कि एक ही आय पर परिवार को जरूरत से ज्यादा टैक्स देना पड़ता है.
इसका सबसे ज्यादा नुकसान सिंगल-इनकम मिडिल क्लास परिवारों को होता है, यानी पति या पत्नी दोनों में से एक बेरोजगार होता है, फिर भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिलता है.
जॉइंट टैक्सेशन लागू होने पर पति-पत्नी की कुल आय को जोड़कर टैक्स लगाया जा सकता है. इससे टैक्स स्लैब (Tax Slab) का बेहतर इस्तेमाल होगा, बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ सकती है. होम लोन, हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल खर्च जैसे डिडक्शन का पूरा फायदा मिल सकेगा. इसके अलावा दोनों कमाने वाले कपल्स को अलग-अलग स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ दिया जा सकता है.
दुनिया के कई देशों में ऐसा नियम
अमेरिका और जर्मनी में पहले से ही परिवार आधारित टैक्स सिस्टम लागू है, जहां पूरे परिवार को एक आर्थिक इकाई माना जाता है. भारत में इस मॉडल के आने से टैक्स सिस्टम ज्यादा न्यायसंगत हो सकता है.
साथ ही इस बदलाव से टैक्सपेयर्स को एक बड़ा फायदा सर्चार्ज को लेकर भी मिल सकता सकता है. फिलहाल 50 लाख रुपये से ऊपर की आय पर सर्चार्ज लगता है. जॉइंट टैक्सेशन में यह सीमा 75 लाख रुपये या उससे ज्यादा की जा सकती है, जिससे अपर-मिडिल क्लास और हाई-इनकम परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी.
अमित कुमार दुबे