'टारगेट मैं हूं, लेकिन एक-एक आदमी का इलाज करूंगा, सम्राट चौधरी ने क्यों और किसके लिए कहा ऐसा?

बिहार विधान परिषद में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने NEET छात्रा मौत मामले पर तीखा बयान देकर सियासी तापमान बढ़ा दिया. बजट चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि वह “टारगेट” पर हैं, लेकिन किसी को नहीं छोड़ेंगे और सबका रिकॉर्ड उनके पास है. उनके बयान को विपक्ष और सिस्टम के लिए चेतावनी माना जा रहा है. इससे साफ संकेत मिला कि सरकार इस मामले में सक्रिय है और उचित समय पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है.

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बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी- Photo ITG बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी- Photo ITG

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:16 PM IST

बिहार विधान परिषद में आज ऐसा पल देखने को मिला जिसने पूरा राजनीतिक तापमान अचानक उबाल पर ला दिया. गृह विभाग के वर्ष 2026–27 के बजट पर सामान्य चर्चा चल रही थी, लेकिन बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जिस अंदाज़ में अपनी बात रखी, वह सीधे-सीधे एक चेतावनी की तरह पूरे सदन में गूंज गया.

मामला था पटना में NEET छात्रा की मौत का. पहले से संवेदनशील, राजनीतिक रूप से विस्फोटक. और इसी संदर्भ में सम्राट चौधरी की आवाज़ में आज वो तल्ख़ी थी, जिसे नज़रअंदाज़ करना किसी के लिए आसान नहीं.

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'एक-एक आदमी का इलाज करूंगा'
गृहमंत्री ने बजट भाषण के दौरान बोलते हुए ऐसा बयान दिया जिसने माहौल को आग की तरह भड़का दिया. सम्राट की बोली हुई लाइनें छोटी थीं. लेकिन हर लाइन हथौड़े की तरह. उन्होंने कहा, 'टारगेट आजकल मैं हूं. कोई गलतफहमी मत पालिए. एक-एक आदमी का इलाज करूंगा किसी को नहीं छोड़ सकता. एक-एक का रिकॉर्ड है. मेरे पास सबका फाइल है. मैं गृह मंत्री हूं. नीतीश कुमार ने मुझे यही काम दिया है. शासन उचित समय पर उचित निर्णय लेता है.'

गृहमंत्री ने पहली बार सार्वजनिक मंच पर 'फाइल' और 'रिकॉर्ड' की बात इतनी खुलकर कही. यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार इस केस में सतर्क, सक्रिय और आक्रामक मोड में है. उनके बयान में विपक्ष को जवाब भी था और सिस्टम के भीतर बैठे लोगों के लिए चेतावनी भी. 'उचित समय पर निर्णय' यह लाइन आने वाले दिनों में किसी बड़ी कार्रवाई की ओर इशारा करती दिख रही है.

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NEET छात्रा मौत मामला अब और गर्म
पटना की इस घटना पर पहले से राजनीतिक आग लगी हुई है. आज सम्राट चौधरी के शब्दों ने इस आग में घी का काम किया है. सवाल अब सिर्फ न्याय का नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही और प्रशासनिक सक्रियता का भी है. आज के बयान के बाद यह साफ हो गया कि सरकार इस मुद्दे को सिर्फ एक केस की तरह नहीं देख रही है. गृह मंत्री ने जिस तीखेपन के साथ बात कही वह बताता है कि कुछ बड़ा पक रहा है और फैसला 'उचित समय' पर सामने आ सकता है.

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