बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने एक बार फिर नकली सामानों के काले कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली डीजल और पेट्रोल बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. जिले में लंबे समय से चल रहे अवैध ईंधन कारोबार का खुलासा उस समय हुआ जब एसपी को गुप्त सूचना मिली कि हरसिद्धि थाना क्षेत्र से सटे इलाके में एक गोदाम में नकली डीजल-पेट्रोल तैयार किया जा रहा है.
नकली पेट्रोल-डीजल फैक्ट्री का भंडाफोड़
सूचना के आधार पर हरसिद्धि थाना पुलिस ने सुगौली थाना क्षेत्र के छपवा-हरसिद्धि मुख्य मार्ग पर कांटी फैक्ट्री के पास स्थित एक गोदाम पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान पुलिस ने देखा कि गोदाम के भीतर नकली ईंधन तैयार करने का काम धड़ल्ले से चल रहा था. पुलिस टीम ने मौके से करीब 3800 लीटर नकली डीजल, लगभग 30 से 35 लीटर केमिकल, डीजल तैयार करने वाले उपकरण, कई ड्रम, पाइप और अन्य सामग्री बरामद की है.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. आशंका जताई जा रही है कि यह अवैध धंधा किसी संगठित गिरोह के तहत संचालित हो रहा था और इसकी आपूर्ति आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों में की जानी थी.
छापेमारी में एक गिरफ्तार
इस विशेष छापेमारी अभियान का नेतृत्व ट्रेनी डीएसपी ऋषभ कुमार ने किया. उनके साथ हरसिद्धि थाना अध्यक्ष अविनाश कुमार सहित बड़ी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा. छापेमारी के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया, ताकि अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोग मौके से फरार न हो सकें.
मामले की जानकारी देते हुए ट्रेनी डीएसपी ऋषभ कुमार ने बताया कि यह अवैध कारोबार काफी समय से गुप्त रूप से चलाया जा रहा था. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली डीजल और पेट्रोल को आसपास के बाजारों में खपाने की योजना बनाई गई थी. उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जिसकी कड़ियां जिले के बाहर तक जुड़ी हो सकती हैं.
बरामद नकली ईंधन, केमिकल और उपकरणों को हरसिद्धि थाना लाया गया है, जहां उनका विधिवत सत्यापन किया जा रहा है. वहीं गिरफ्तार व्यक्ति से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.
सचिन पांडेय