शादी में पहुंचकर पुलिस ने मांगा दुल्हन का आधार कार्ड, फिर तुरंत रुकवा दिए फेरे

सासाराम के मलाव गांव में प्रशासन ने समय रहते बाल विवाह रुकवाकर बड़ी कार्रवाई की है. नाबालिग लड़की की शादी की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर विवाह टाल दिया. हालांकि इस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया है और परिजन नाराज नजर आ रहे हैं.  

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शादी में पहुंची पुलिस ने रुकवाए फेरे (Photo: representational image) शादी में पहुंची पुलिस ने रुकवाए फेरे (Photo: representational image)

रंजन कुमार 

  • सासाराम,
  • 30 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

बिहार के सासाराम जिले के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित मलाव गांव में प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी. इस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, राजपुर प्रखंड के बीडीओ रवि राज को सूचना मिली थी कि गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी कराई जा रही है. सूचना मिलते ही उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की. जांच के दौरान पता चला कि लड़की की उम्र 18 साल से कम है.

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आधार कार्ड के अनुसार, लड़की की उम्र करीब 17 साल 8 महीने बताई गई, जो कानूनन विवाह के लिए तय उम्र से कम है. बिहार बाल विवाह निषेध कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की शादी कराना अपराध है. इसी आधार पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शादी रुकवा दी.

बीडीओ रवि राज और टीम ने परिजनों को समझाया कि कम उम्र में शादी करने से कानूनी कार्रवाई हो सकती है. हालांकि, इस दौरान परिजन प्रशासन के खिलाफ नाराज नजर आए और उन्होंने विरोध भी जताया.

अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कानून का उल्लंघन करने की कोशिश की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रशासन की सतर्कता से एक बाल विवाह को रोका जा सका, लेकिन गांव में हालात सामान्य बनाए रखने के लिए नजर रखी जा रही है.

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